रेल बजट 2015 को पेश करते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने जनता को कई सौगातें दी, लेकिन कोई नई ट्रेन न होने से उत्तराखंड को नई ट्रेन के लिए और इंतजार करना होगा। बजट में रेल मंत्री का पूरा जोर आम जनता को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं देने पर रहा।
इसी के मद्देनजर रेल मंत्री ने यात्रियों को रिजर्वेशन कराने के लिए ज्यादा समय मुहैया कराया है। यानी अब आप रेलवे रिजर्वेशन 4 महीने पहले करा सकते हैं। अब तक रेलवे का रिजर्वेशन दो महीने पहले कराया जा सकता था।
मोदी सरकार के दूसरे रेल बजट में यात्री किरायों में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु ने अपने पहले रेल बजट में यात्री किरायों में वृद्घि न करने की घोषणा की है। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने पिछले साल केंद्र की कमान संभालने के कुछ दिनों बाद ही यात्री किरायों में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की थी।
उस फैसले का व्यापक स्तर पर विरोध हुआ था। आशंका जताई जा रही थी कि रेलवे में सुधारों के लिए केंद्र सरकार यात्री किरायों में बढ़ोतरी कर सकती है। हालांकि सुरेश प्रभु की घोषणा को राहत भरा माना जा रहा है।
इस बार भी नहीं हुआ रेल का सफर सुहाना
रेलवे के लिहाज से पिछले कई साल से देहरादून के हिस्से में सिर्फ मायूसी ही हाथ आ रही है।
गुरुवार को पेश होने वाले रेल बजट से दूनवासियों को भी काफी उम्मीदें थीं। रेल यात्रियों का मानना था कि इस बार प्रदेश से पांचों सांसद केंद्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के हैं। ऐसे में उम्मीद थी कि रेल बजट में यहां के लिए कुछ तो जरूर दिलाएंगे। कुछ योजनाएं थीं जिनकी काफी समय से लोगों को प्रतीक्षा थी और खास जरूरत भी।
स्टेशन का विस्तार होगा तो बढ़ेंगी ट्रेन
स्टेशन पर प्लेटफार्म बढे़गे तो गाड़ियों की संख्या भी बढ़ेगी। प्लेटफार्म छोटे होने से दून 13 कोच से अधिक की ट्रेन नहीं आ पाती।
यात्रियों की संख्या अधिक होने के बावजूद कोच नहीं बढ़ाए जाते। स्टेशन का विस्तार होता तो हरिद्वार से लौटने वाली 18 कोच की 13 ट्रेनों में से कुछ दून तक भी पहुंच पातीं।
मिलेंगी कुछ और ट्रेन
रेल यात्रियों को उम्मीद थी कि इस बार रेल मंत्री के पिटारे से देहरादून के लिए कुछ और गाड़ियां निकलेंगी। हल्द्वानी, लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर, दिल्ली, पंजाब और दक्षिण भारत की तरफ गाड़ियों का रूट बढ़ता तो यात्रियों का सफर आसाना हो जाता।
उम्मीद पर फिरा पानी
रेल यात्रियों को देहरादून और सहारनपुर के बीच रेल सफर आसान होने की उम्मीद थी। देहरादून से वाया विकासनगर सहारनपुर रेल लाइन का प्रस्ताव लंबे समय से लटका है। अभी दून से हरिद्वार लक्सर होते हुए करीब 128 किलोमीटर की दूरी तय कर सहारनपुर जाना पड़ता है।
विकासनगर से दूरी भी कम होती और इस रूट पर ट्रेनें सीमित होने से समय भी कम लगेता। रेल लाइन के जरिए उत्तराखंड को हिमाचल से जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना पिछले कई सालों से कागजों में सिमटी हुई है। अगर इस रेल लाइन को बिछाने की हरी झंडी मिलती तो यह दोनों राज्यों के लिए काफी फायदेमंद होता। दोनों राज्यों में उद्यानिकी और कृषि आदि क्षेत्रों में व्यापार को बढ़ावा मिलता।
हरिद्वार-दून ट्रैक डबल होने की उम्मीद
रेल यात्रियों को उम्मीद थी कि इस बार रेल मंत्री देहरादून से हरिद्वार रेल मार्ग को डबल लाइन करने की घोषणा भी करेंगे। अभी सिंगल लाइन होने से हरिद्वार पहुंचने में दो घंटे से अधिक का वक्त लग जाता है।
ऋषिकेश से कब जुड़ेगा दून?
तीर्थनगरी ऋषिकेश और उससे सटे बड़े क्षेत्र के लोगों की रेल सेवा से दून से जुड़ने की चाहत थी। ये लोग भी उम्मीद कर रहे थे कि रेल मंत्री अबकी बार जरूर इस योजना को हरी झंडी देंगे।