इसे मोदी रैली का इफेक्ट कहें या फिर सरकार की चुनावी तैयारी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश को बिजली कटौती मुक्त बनाने के लिए आवश्यक बिजली खरीदी जाय।
अधिकारियों को दिए निर्देश
बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए 90 मेगावाट की पांच लघु जल विद्युत परियोजनाओं के टेंडर एक सप्ताह के भीतर निकालने को कहा गया है। वहीं केदारनाथ आपदा केबाद वन विभाग मुख्य मार्ग के अलावा एक बैकअप रूट शैल्टर के साथ तैयार करेगा।
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ताकि किसी मुसीबत में इस रूट का इस्तेमाल किया जा सके। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार के ऊर्जा व वन विभाग की समीक्षा की। ऊर्जा विभाग की बैठक में अधिकारियों ने अतिरिक्त बिजली खरीदने के लिए मार्च माह तक का करार होने की जानकार दी।
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साथ ही अप्रैल से जून तक की बिडिंग होने बात बताई। बैठक में बिजली की उपलब्धता के बावजूद मंगाने के लिए ग्रिड की क्षमता को लेकर सवाल उठे। दरअसल मेरठ, मुजफ्फरनगर, रुड़की ग्रिड लाइन पर केद्र सरकार ने 350 मेगावाट की लिमिट तक कर गई है।
भारत सरकार से किया अनुरोध
जबकि ग्रिड की क्षमता 700 मेगावाट है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे लिमिट को बढ़ाकर 500 मेगावाट करने के लिए भारत सरकार से अनुरोध करेंगे।
बैठक में बताया गया कि उत्तराखण्ड बिजली टैरिफ अन्य प्रदेशों की तुलना में काफी कम है। मुख्यमंत्री ने 56 लघु जलविद्युत परियोजनाओं का पर्यावरण मूल्यांकन प्रभाव करवाकर टेंडर के निर्देश दिए हैं।
इसमें स्थानीय लोगों को वरीयता देने को कहा है। 90 मेगावाट की जिन लघु जलविद्युत परियोजनओं का ईआईए हो चुका है मुख्यमंत्री ने उनके टेंडर एक सप्ताह में करने केनिर्देश दिए हैं।
वन गुर्जरों के लिए भूमि चिंहित
वन विभाग की बैठक में जानकारी दी गई वन गुर्जरों के परिवारों के विस्थापन के लिए पथरी व पत्थरचट्टा में भूमि चिन्हित कर ली गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने फॉरेस्ट कॉरपोरशन को समाज कल्याण की तर्ज पर वन गुर्जरों के बच्चों को छात्रवृत्ति देने के भी निर्देश दिए।
पर्वतारोहियों से ली जाने वाली एंट्री फीस माफ होगी
मुख्यमंत्री ने वन विभाग को आपदा के मद्देनजर पर्वतारोही व अन्य लोगों से ली जाने वाली एंट्री फीस एक वर्ष के लिए माफ कर करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग के टूरिस्ट विश्राम गृहों को सुधार कर इसमें पर्यटकों को ठहरने की अनुमति दी जाए।
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मुख्यमंत्री ने वन विभाग के ऐसे संविदा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी जो कि राज्य सरकार की विनियमितिकरण नियमावली के तहत आते हैं। उनका विनियमितिकरण फॉस्ट ट्रैक पर करने के निर्देश दिए।
बैठकों में मुख्य सचिव सुभाष कुमार, अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, प्रमुख सचिव एसएस संधू, एस रामा स्वामी, मुख्य वन संरक्षक डा. आरबीएस रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।