भारत के 15वें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में उत्तराखंड से किसी भी सांसद को जगह नहीं देकर प्रदेश कांग्रेस के हाथ बड़ा मुद्दा थमा दिया है।
जल्द ही तीन विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस जनता के बीच इसे भुनाने की तैयारी में जुट गई है।
रमेश पोखरियाल निशंक और अजय टम्टा के सांसद बनने से रिक्त हुई दो विधानसभा सीटों के साथ सीएम हरीश रावत भी एक सीट पर विधानसभा उपचुनाव में उतरेंगे।
ऐसे में किसी भी सांसद को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलना विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की दिक्कतें बढ़ा सकता है।
प्रदेश भाजपा मोदी मंत्रिमंडल में क्लीन बोल्ड
संसदीय चुनाव में पाचों लोकसभा सीटों पर क्लीन स्वीप करने वाली प्रदेश भाजपा मोदी मंत्रिमंडल में क्लीन बोल्ड हो गई।
लोकसभा उपचुनाव में जिस तरह भाजपा की सेंट्रल लीडरशिप ने जनता के बीच बीसी खंडूड़ी सहित अन्य प्रत्याशियों पर भरोसा जताया था उससे लग रहा था कि उत्तराखंड के कोटे में एक मंत्रीपद आएगा।
देहरादून में भाजपा की शंखनाद रैली के दौरान खुद नरेंद्र मोदी और राजनाथ ने खंडूड़ी की बतौर वाजपेयी सरकार में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री की पारी को सरहाने के साथ उनकी बेदाग छवि की तारीफ की उससे कयास लगाए जा रहे थे कि उनकी भाजपा सरकार बनने पर कैबिनेट में सीट पक्की है।
उत्तराखंड की उम्मीदों पर मोदी कैबिनेट ने फेरा पानी
खंडूड़ी को केंद्रीय मंत्री न सही राज्यमंत्री में पूर्व मुख्यमंत्री भगतदा या पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक तक को शामिल नहीं किया जाना प्रदेश भाजपा की समझ से परे है।
उत्तराखंड की उम्मीदों पर सोमवार को गठित मोदी की कैबिनेट ने पानी फेर दिया, लेकिन साथ भाजपा की दिक्कतें बढ़ा दी है।
तीन माह के भीतर तीन विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव राज्य में होने जा रहे हैं। निशंक के सांसद बनने से रिक्त हुई डोईवाला विधानसभा के साथ सांसद अजय टम्टा की विधानसभा सोमेश्वर में उपचुनाव होने हैं।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री हरीश रावत को किसी सुरक्षित सीट से विधानसभा चुनाव लड़कर सदस्य बनने की चुनौती है।
कांग्रेस का हौसला बढ़ा
हरीश के जोगेश्वर या धारचूला विधानसभा सीट से मौजूदा सदस्य का इस्तीफा करवा उपचुनाव में उतरने की बात कही जा रही है।
तीन विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा के लिए डोईवाला और सोमेश्वर को बचाने के साथ हरीश रावत जहां से चुनाव लड़े वहां कड़ी टक्कर देनी होगी।
लेकिन अब मोदी मंत्रिमंडल में प्रदेश के तीन दिग्गज सांसदों को जगह नहीं मिलने से निशंक और टम्टा की विधानसभा सीट पर कांग्रेस का हौसला बढ़ा है।
भाजपा सांसदों की विधानसभा सीटों पर कांग्रेस इसी मुद्दे पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। वहीं भाजपा इसकी काट तैयार करने में जुट जाएगी कि आखिर मतदाता को कैसे समझाया जाए कि अच्छे दिन आ चुके हैं।