बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) वी केशवन नंबूदरी के एक महिला से छेड़-छाड़ के आरोप में गिरफ्तार होने के बाद रावल के आचरण को निर्धारित करने के लिए एक आदर्श नियमावली तैयार की गई है।
पूर्व में भी कई बार रावलों के निरंकुश होने के मामले सामने आए, मगर मंदिर समिति ने इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया था।
संशोधनों पर चर्चा
ऋषिकेश में बीते सोमवार हुई बैठक में तय की गई इस नियमावली पर औपचारिक मुहर बुधवार को देहरादून में होने वाली बैठक पर लगने वाली थी, लेकिन अब यह बैठक गुरुवार को सुबह 9 बजे होगी। इससे पूर्व नियमावली में समिति सदस्यों की तरफ से सुझाए गए संशोधनों पर चर्चा भी होगी।
नियमावली के बिंदुओं पर पांचों पंचायतों समेत तीर्थ-पुरोहितों ने भी अपनी सहमति दी है। वह पहले ही कह चुके हैं कि परंपराएं आदि शंकाराचार्य ने स्थापित की हैं, मगर रावल उनका पालन नहीं कर रहे हैं।
ये होंगी सिफारिश
उन्होंने रावल के लिए आचार संहिता बनाने, अनुशासन समिति गठित करने, शीतकाल में धामों के प्रवास पर अभिषेक करने, परंपराओं के जानकारों को मंदिर समिति में शामिल करने की भी सिफारिश की।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की तरफ से रावल प्रकरण की जांच के लिए गठित टीम के अध्यक्ष चंद्रकिशोर मैठाणी के अनुसार बैठक में समिति के बजट पर भी चर्चा होने की संभावना है। आने वाले वर्ष के लिए इसमें प्रावधान किया जाएगा।