उत्तराखंड के प्राइमरी स्कूल एवं जूनियर हाईस्कूल में पढ़ाई के दौरान गुरुजी अब मोबाइल फोन पर बात नहीं कर पाएंगे।
अगर ऐसा करते पकड़े गए तो उनके खिलाफ आचरण नियमावली के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध प्रदेश की प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने लगाया है। यह आदेश नए शिक्षा सत्र से सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
औचक निरीक्षण के दौरान दिया जाएगा ध्यान
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी ने जारी आदेश में कहा है कि कुछ अध्यापक विद्यालय समय में शिक्षण कार्य के दौरान मोबाइल का प्रयोग करते हैं, जिनसे वे छात्रों की पढ़ाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते। इससे विभाग की छवि भी धूमिल होती है।
निदेशक ने आदेश दिए हैं कि शिक्षण कार्य के दौरान कोई भी अध्यापक मोबाइल फोन का प्रयोग न करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कूलों के औचक निरीक्षण के दौरान इस पर विशेष ध्यान दिया जाए।
यदि कक्षा संचालन एवं शिक्षण कार्य के समय कोई अध्यापक मोबाइल फोन का प्रयोग करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके विरुद्ध आचरण नियमावली के संगत नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
निदेशक ने कहा है कि प्रदेश के राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों के शिक्षण कार्य में किसी भी दशा में व्यवधान उत्पन्न न हो तथा शिक्षक पूर्ण मनोयोग से बच्चों को पढ़ा सकें।
इस व्यवस्था को बनाने के लिए इस प्रतिबंध को लागू किया गया है। इस संबंध में कुमाऊं एवं गढ़वाल मंडल के अपर निदेशक एवं समस्त जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) को कड़े निर्देश दिए गए हैं।