उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री प्रीतम पंवार की मध्यस्थता में भाजपा पार्षदों और मुख्य नगर अधिकारी अशोक कुमार के बीच शुरू हुआ विवाद समाप्त हो गया।
इसके साथ ही कर्मचारियों ने भी हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी। बीती 26 सितंबर को नगर निगम बोर्ड बैठक के दौरान मुख्य नगर अधिकारी और भाजपा पार्षदों के बीच धक्का-मुक्की हो गई थी। जिसके विरोध में कांग्रेसी पार्षद और निगम कर्मचारी, भाजपा पार्षदों के विरोध में आ गए थे।
जिसके बाद मेयर विनोद चमोली ने बोर्ड बैठक को अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित कर दिया। वहीं एमएनए अशोक कुमार की तरफ से कार्यालय अधीक्षक ने भाजपा पार्षद अमिता सिंह, भूपेंद्र कठैत, नीरज सेठी व सुशील गुप्ता के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया।
हस्तक्षेप करने का दबाव
कई दिन तक जब पुलिस ने चारों पार्षदों को गिरफ्तार नहीं किया तो निगम के कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए। जिससे मामले में हस्तक्षेप करने का दबाव सरकार के कंधों पर आ गया। मंगलवार सुबह इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, मेयर विनोद चमोली, विधायक हरबंस कपूर व गणेश जोशी मुख्यमंत्री से मिले। वार्ता के बाद मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने प्रमुख सचिव शहरी विकास एमएच खान को पूरे प्रकरण के समाधान करने का निर्देश दिया।
शाम को विधानसभा में शहरी विकास मंत्री, प्रमुख सचिव एमएच खान, विधायक गणेश जोशी की मध्यस्थता में एमएनए कुमार व चारों भाजपा पार्षदों के बीच समझौता हो गया। लिखित समझौते में पार्षदों ने पूरे प्रकरण के लिए एमएनए से खेद जताया।
हड़ताल समाप्त करने की घोषणा
ऐसी घटना न दोबारा हो, इसका आश्वासन भी दिया। वहीं अशोक कुमार ने भी पार्षदों को पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। समझौते की सूचना मिलते ही कर्मचारियों ने भी हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। बताया गया कि पार्षदों पर दर्ज मुकदमे भी वापस हों जाएंगे। इससे पूर्व, सुबह भाजपा महानगर अध्यक्ष नीलम सहगल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीआईजी अमित सिन्हा और डीएम बीवीआसी पुरुषोत्तम से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने एमएनए पर मनमानी करने और पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।