याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्हें 25 वर्षों से वाई प्लस सुरक्षा मिली हुई थी, लेकिन कुछ दिन पहले इसे वापस लेने से उनकी व उनके परिवार की सुरक्षा खतरे में आ गई है। उनको जानमाल का भी खतरा बना हुआ है।
याचिका में कहा कि उनका परिवार पिछले ढाई सौ वर्षों से अपनी अलग पहचान रखता आया है। सरकार ने बगैर किसी कारण से उनकी सुरक्षा वापस ले ली है। याचिका में उन्होंने सुरक्षा की बहाली और असलहे के लाइसेंस पर लगाई पाबंदी हटाने की मांग की थी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस प्रकरण पर सुनवाई से इनकार कर दिया। अब इस मामले में नई खंडपीठ सुनवाई करेगी।