बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक शहर क्षेत्र में छह मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे पहले पूरी रात भर में 6.5 मिमी बारिश हुई थी। दिनभर ज्यादातर समय बारिश होती रही। सुबह और दोपहर में काफी देर तक रिमझिम बारिश हुई।
इस दौरान शहर के कुछ क्षेत्रों में एक से दो दौर की तेज बौछारें भी पड़ी। दोपहर के समय हालांकि कुछ देर के लिए धूप भी खिली लेकिन उसमें गर्मी ज्यादा नहीं थी। शाम के समय आसमान एक बार फिर बादलों से घिर गया और ठंडी हवाएं भी चली।
दिनभर बारिश और बादलों के चलते अधिकतम तापमान में 7.7 डिग्री की कमी दर्ज की गई। बुधवार को जहां अधिकतम तापमान 35 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था, वहीं बृहस्पतिवार को यह घटकर 27.7 डिग्री तक पहुंच गया। रात के तापमान में हालांकि बहुत ज्यादा अंतर नहीं आया। न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री दर्ज किया गया।
कुमाऊं के पहाड़ी जिलों में बुधवार रात हुई भारी बारिश के बाद थल-डीडीहाट मोटर मार्ग कई घंटे तक बंद रहा। बांसबगड़, थल-नाचनी, नापड़ सड़कें भी बंद रही। पिथौरागढ़-धारचूला सड़क में मलबा आने से धारचूला से पिथौरागढ़ आ रहे सातवें दल के कैलाश यात्री भी दो घंटे तक फंसे रहे।
डीडीहाट में 99, बेड़ीनाग में 67, पिथौरागढ़ में 50 एमएम बारिश दर्ज की गई। हल्द्वानी में गौला बैराज पर 158 मिली मीटर बारिश रिकार्ड की गई। काली और गोरी समेत कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है।
बेड़ीनाग के पौसा पोस्ताला गांव में एक आवासीय मकान ध्वस्त हो गया। धारचूला के पंथागांव में भूस्खलन से एक मकान और नाचनी के नापड़ में चार मकान खतरे की जद में आ गए हैं। डीडीहाट के भड़गांव में पुलिया बहने से लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
बाटनागाड़ में मलबा आने से बृहस्पतिवार को टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग करी साढ़े पांच घंटे बंद रहा। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से सुरक्षा के तहत बैराज के गेट बंद का वाहनों का आवागमन रोक दिया गया