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'दोस्तों' को फंसाने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल

Sat, 28 Sep 2013 07:00 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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राष्ट्रीय स्तर पर सीबीआई पर आरोप लगते रहे हैं कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों के नेताओं को फंसाने के लिए उसका दुरुपयोग करती रहती है। लेकिन केंद्र सरकार ही नहीं, आपके आसपास स्थित आपके दोस्त भी इसका इस्तेमाल आपको फंसाने के लिए कर सकते हैं।
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सीबीआई ऐसी फर्जी शिकायतों से तंग आ गई है। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है।

एक साल पूर्व सीबीआई ने भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए cbi.gov.in वेबसाइट लांच की थी। इस वेबसाइट के जरिये किसी भी केंद्रीय व राज्य सरकार के विभाग में फैले भ्रष्टाचार के बारे में शिकायत की जा सकती थी।

सहयोगियों से दुश्मनी निकालने लगे
शिकायतों में मुख्य रूप से ऐसी भ्रष्टाचारी की शिकायत की जा सकती थी, जो किसी काम के एवज में रिश्वत की डिमांड कर रहा हो। अवधारणा थी कि शिकायकर्ता सीबीआई के आंख-कान बनेंगे। लेकिन, इस वेबसाइट के आड़ में कई कर्मचारी अपने सहयोगियों से दुश्मनी निकालने लगे। सीबीआई की दून ब्रांच को हर सप्ताह ऐसे दर्जनों शिकायत मिलती है जिसमें किसी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी पर घूस खाने का आरोप लगाए गए होते हैं। सीबीआई टीम जब इनकी गोपनीय जांच करती है तो अधिकांश फर्जी निकलती है।
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केस-1
राज्य सरकार के एक कार्यालय से सीबीआई को एक चिठ्ठी आई। चिठ्ठी में बताया गया कि उनके विभाग का सीनियर इंजीनियर ने टेंडर पास करने के एवज में हजारों रुपयों की घूस खाई है। चिठ्ठी मिलते ही सीबीआई टीम जांच में जुट गई। जांच हुई तो पता चला कि इंजीनियर साहब के ही एक सहयोगी इंजीनियर ने यह फर्जी शिकायत की थी।

केस-2
बसंत विहार निवासी एक व्यक्ति ने सीबीआई में शिकायत की कि एक केंद्रीय संस्थान में उनसे एक काम करने के एवज में लाखों रुपए मांगे गए। उसने कई बिल और इनवायस भी चिठ्ठी के साथ नत्थी किए हुए थे। इसकी जांच हुई तो यह भी फर्जी निकले।
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