एक तरफ जहां पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें याद कर रहा था और स्वच्छता अभियान में जुटा था, वहीं अराजक तत्वों ने ताड़ीखेत स्थित ऐतिहासिक गांधी कुटिया में मल मूत्र कर न सिर्फ गंदगी फैलाई बल्कि वहां तोड़फोड़ भी की। बदमाशों ने कुटिया के दरवाजों की जालियां और बिजली के तार तक तोड़ दिए।
मंगलवार की सुबह जब गांधी स्मारक पर पहुंचे कांग्रेसियों ने गांधी कुटिया की यह हालत देखी तो वे अवाक रह गए। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल सिंह देव ने अज्ञात लोगों के खिलाफ राजस्व पुलिस में तहरीर दे दी है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद देर शाम तक राजस्व पुलिस की टीम ने कुटिया का निरीक्षण तक नहीं किया था। उनका कहना था कि अराजक तत्वों ने कुटिया में 50 हजार रुपये से अधिक का नुकसान किया है।
1929 में बनाई गई थी ताड़ीखेत में कुटिया
1929 में ताड़ीखेत प्रवास के दौरान स्थानीय लोगों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के लिए तीन दिन के भीतर कुटिया तैयार की थी। इसके बाद से ही ताड़ीखेत को ऐतिहासिक कस्बे का दर्जा हासिल है।
कुटिया की सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम नहीं
ऐतिहासिक गांधी कुटिया में तोड़फोड़ की यह नई घटना नहीं है। पूर्व में भी अराजक तत्व इस तरह की तोड़फोड़ कर चुके हैं, लेकिन कुटिया की सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। तोड़फोड़ की घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों में आक्रोश है। सामाजिक कार्यकर्ता आशु भगत, लक्ष्मण सिंह अधिकारी, कृष्णा रावत, मनीष भगत सहित तमाम लोगों का कहना है कि जब तक कुटिया की सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम नहीं होंगे, इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी।
गांधी कुटिया में अराजक तत्वों द्वारा तोड़-फोड़ किया जाना निंदनीय है। वह पहले भी कई बार कुटिया का जीर्णोद्धार करा चुके हैं। प्रशासन को अपनी ओर से भी महापुरुषों के स्मारकों की सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।
- करन माहरा, विधायक रानीखेत