मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने यूपी बोर्ड पर किसानों को रोक दिया। दिल्ली में घुसने के लिए अड़े किसानों और दिल्ली पुलिस के बीच जमकर घमासान हुआ। किसानों ने बैरिकेड्स तोड़े तो पुलिस ने उन्हें काबू करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
भाकियू के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों का दमन कर रही है लेकिन इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाकियू के वरिष्ठ नेता महंत त्रिकालदर्शी महाराज ने किसानों पर लाठीचार्ज किए जाने की निंदा की। कांग्रेस के प्रांतीय नेता फुरकान अली और अरविंद गुर्जर नऐ आरोप लगाया कि किसानों से झूठे वादे कर अब मुंह चुरा रही मोदी सरकार दमन का रास्ता अपना रही है।
अन्नदाता पर लाठीचार्ज सरकार को भारी पड़ेगा। अखिल भारतीय किसान सभा हरिद्वार के प्रतिनिधि आरसी धीमान, लालदीन और सपन सिंह ने इसे सरकार की किसान विरोधी नीति का हिस्सा बताया। वामपंथी नेता महेंद्र जखमोला और पीडी बलूनी ने भी किसानों पर लाठीचार्ज किए जाने की आलोचना की। भारतीय किसान संगम के नेता डा. सुशील चौहान और अशोक वर्मा ने कहा कि किसान इस समय संकट के दौर से गुजर रहा है।
इस सरकार की गलत नीतियों के चलते किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ती चली जा रही है। जिस सरकार से किसानों इंसाफ की उम्मीद थी वो लाठीचार्ज कर रही है, जो बेहद निंदनीय है। किसान नेता दिनेश चौहान, बालेश प्रधान, देसराम सैना, सुशील सैनी, सुरेश चंद चौहान, साधुराम चौहान आदि ने भी किसानों पर लाठीचार्ज किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। कांग्रेस के पूर्व जिला महामंत्री धर्मेंद्र अंबूवाला तथा जिला पंचायत के उपाध्यक्ष राव अफाक अली ने कहा किसानों पर लाठीचार्ज किया जाना केंद्र की मोदी सरकार का असली चेहरा है।
जाट महासभा पंचपुरी के कैंप कार्यालय पर बैठक को संबोधित करते हुए महासभा के संरक्षक चौधरी देवपाल राठी ने कहा कि सरकार ने किसानों की यात्रा को रोक और निहत्थे किसानों पर जुल्मों की बर्बरता कर जनरल डायर की याद दिला दी है। अध्यक्ष सुरेेश चौधरी ने कहा सरकार ने किसानों पर लाठीचार्ज कर गांधी जयंती समारोह शुरू किया है। बैठक में घायल किसानों के लिए 25 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग भी की गई।