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जमरानी बांध निर्माण का रास्ता साफ, परियोजना को मिली पर्यावरण मंत्रालय की अंतिम मंजूरी

Fri, 13 Dec 2019 10:08 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी

सार

  • केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने किए फाइल पर हस्ताक्षर
  • अब नीति आयोग को सौंपी जाएगी पर्यावरण एनओसी की फाइल
     
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प्रकाश जावड़ेकर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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सिंचाई विभाग को जमरानी बांध परियोजना के निर्माण के लिए वन एवं पर्यावरण मामले की अंतिम मंजूरी मिल गई है। अब बांध निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मेहनत के चलते बांध निर्माण के तमाम अवरोध दूर हो गए हैं। बृहस्पतिवार को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने हस्ताक्षर कर पर्यावरण की अंतिम मंजूरी भी दे दी है।

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जमरानी बांध परियोजना की औपचारिकताओं को पूरा कराने के लिए दिल्ली में डेरा डाले परियोजना के अधीक्षण अभियंता संजय शुक्ल ने बताया कि मंगलवार को वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री के हस्ताक्षर के बाद पर्यावरण की अंतिम मंजूरी के लिए फाइल केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सुपुर्द कर दी गई थी। अब तक बांध परियोजना के लिए पर्यावरण को लेकर सशर्त मंजूरी मिली थी।

अंतिम मंजूरी के लिए फाइल मंगलवार को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो के हस्ताक्षरों के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के हस्ताक्षरों के लिए उनके कार्यालय में भेज दी गई थी। बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री के भी हस्ताक्षर हो गए हैं। अब इस फाइल को नीति आयोग को सौंपा जाएगा। 
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बांध परियोजना को पर्यावरण की मंजूरी मिलने पर खुशी जताते हुए प्रदेश की सिंचाई सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने कहा कि यह परियोजना से जुड़े अधिकारियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों की टीम को बधाई दी है।

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बांध बनने तक ट्रांसफर पॉलिसी से मुक्त रहेंगे कार्मिक

प्रदेश सरकार ने बांध निर्माण की संभावनाओं को देखते हुए परियोजना के सभी कार्मिकों को सरकार की स्थानांतरण पॉलिसी से मुक्त कर दिया है। ये सभी कार्मिक बांध परियोजना का निर्माण पूरा होने तक कहीं भी स्थानांतरित नहीं किए जा सकेंगे।

प्रदेश की सिंचाई सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने बताया कि जमरानी बांध परियोजना के काम में तेजी लाने के लिए हाल में नया स्टाफ तैनात किया गया है। परियोजना को लेकर इन दिनों सिंचाई अधिकारी दिल्ली में विभिन्न मंत्रालयों की एनओसी लेने का काम कर रहे हैं, जबकि परियोजना से जुड़े कार्मिक पुनर्वास समेत कई बिंदुओं पर सर्वे कार्य में लगे हैं।

बांध परियोजना को जल्द शुरू कराना है, लिहाजा परियोजना के काम में लगे कार्मिकों के स्थानांतरण से कार्य बाधित हो सकता है। इस वजह से जमरानी परियोजना में कार्यरत कार्मिकों को स्थानांतरित नहीं करने का फैसला लिया गया है। इसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।

18 को केंद्रीय वित्त मंत्रालय में होगी बैठक
प्रदेश की सिंचाई सचिव भूपिंदर कौर औलख ने बताया कि जमरानी बांध की पर्यावरण की फाइल में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री के हस्ताक्षर हो गए हैं। एक-दो दिन में केंद्रीय मंत्री के भी हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। 18 दिसंबर को दिल्ली में जमरानी बांध के संबंध में वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। उस बैठक में वह खुद मौजूद रहेंगी। जमरानी बांध परियोजना के लिए धन की मंजूरी दिलाने की विशेष प्रयास किए जाएंगे।

प्रदेश की सिंचाई सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख के सहयोग से उनके नेतृत्व एवं दिशा निर्देशन में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम पूरे मनोयोग से परियोजना के काम को आगे बढ़ा रही है। जमरानी परियोजना के हित में नित नए आदेश केंद्र सरकार से जारी हो रहे हैं, जो कर्मचारियों और अधिकारियों के परिश्रम का परिणाम है। मैं सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को उनकी मेहनत और लगन के लिए बधाई देता हूं।
-मोहन चंद्र पांडेय, मुख्य अभियंता सिंचाई।
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