कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 6 जनवरी की तिथि नियत की है। वहीं, एनआईवीएच की ओर से कोर्ट में शपथपत्र पेश कर कहा गया कि संस्थान में छोटे और बड़े बच्चों के रहने के लिए अलग-अलग हॉस्टल में व्यवस्था की जा रही है। 9 सितंबर को घटित घटना पर 11 सितंबर को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के हाईकोर्ट ने एक पत्र के माध्यम से स्वत: सज्ञान लिया था। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराधियों के खिलाफ एफआरआई दर्ज करने के आदेश भी दिए थे।