प्रदेश सरकार ने बांध निर्माण की संभावनाओं को देखते हुए परियोजना के सभी कार्मिकों को सरकार की स्थानांतरण पॉलिसी से मुक्त कर दिया है। ये सभी कार्मिक बांध परियोजना का निर्माण पूरा होने तक कहीं भी स्थानांतरित नहीं किए जा सकेंगे।
प्रदेश की सिंचाई सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने बताया कि जमरानी बांध परियोजना के काम में तेजी लाने के लिए हाल में नया स्टाफ तैनात किया गया है। परियोजना को लेकर इन दिनों सिंचाई अधिकारी दिल्ली में विभिन्न मंत्रालयों की एनओसी लेने का काम कर रहे हैं, जबकि परियोजना से जुड़े कार्मिक पुनर्वास समेत कई बिंदुओं पर सर्वे कार्य में लगे हैं।
बांध परियोजना को जल्द शुरू कराना है, लिहाजा परियोजना के काम में लगे कार्मिकों के स्थानांतरण से कार्य बाधित हो सकता है। इस वजह से जमरानी परियोजना में कार्यरत कार्मिकों को स्थानांतरित नहीं करने का फैसला लिया गया है। इसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
18 को केंद्रीय वित्त मंत्रालय में होगी बैठक
प्रदेश की सिंचाई सचिव भूपिंदर कौर औलख ने बताया कि जमरानी बांध की पर्यावरण की फाइल में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री के हस्ताक्षर हो गए हैं। एक-दो दिन में केंद्रीय मंत्री के भी हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। 18 दिसंबर को दिल्ली में जमरानी बांध के संबंध में वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। उस बैठक में वह खुद मौजूद रहेंगी। जमरानी बांध परियोजना के लिए धन की मंजूरी दिलाने की विशेष प्रयास किए जाएंगे।
प्रदेश की सिंचाई सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख के सहयोग से उनके नेतृत्व एवं दिशा निर्देशन में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम पूरे मनोयोग से परियोजना के काम को आगे बढ़ा रही है। जमरानी परियोजना के हित में नित नए आदेश केंद्र सरकार से जारी हो रहे हैं, जो कर्मचारियों और अधिकारियों के परिश्रम का परिणाम है। मैं सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को उनकी मेहनत और लगन के लिए बधाई देता हूं।
-मोहन चंद्र पांडेय, मुख्य अभियंता सिंचाई।