क्षेत्रीय कार्यालय से निर्यातकों को पंजीकरण, लाइसेंस नवीनीकरण के साथ ही आयात व निर्यात पर मिलने वाले प्रोत्साहन का लाभ समेत अन्य सुविधाएं दी जाती थीं। लेकिन पिछले कई माह से कार्यालय में उप महानिदेशक का पद खाली पड़ा था।
महीनों बाद ही एक-दो दिन के लिए मुरादाबाद या दिल्ली से मंत्रालय का कोई अधिकारी क्षेत्रीय कार्यालय में आते थे। अब मंत्रालय ने क्षेत्रीय कार्यालय को पूरी तरह से ही बंद कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय ने पूरे देश में करीब 18 क्षेत्रीय कार्यालय बंद कर ऑनलाइन सेवाएं शुरू कर दी हैं।
आयात व निर्यात रजिस्ट्रेशन नंबर लेने के लिए निर्यातकों को कई तरह के दस्तावेज की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। विदेश व्यापार क्षेत्रीय कार्यालय होने से निर्यातक आसानी से कार्यालय में जाकर दस्तावेज जमा करते थे। लेकिन कार्यालय बंद करने का फैसला सही नहीं है।
-पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, उत्तराखंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन