मत्स्य विभाग में अधिकारियों के मनमाने तरीके से तबादले करने वाले मत्स्य एवं पशुपालन मंत्री की मनमानी सामने आई है।
उत्तराखंड मत्स्य विभाग ने मंत्री प्रीतम पंवार चहेते एक डिप्टी डायरेक्टर की सीआर अच्छी लिखी, लेकिन मंत्री ने उसे उत्कृष्ट कर दिया। शासन ने सीधे मंत्री से प्रविष्टि लिखाने पर आपत्ति जताते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनहीनता में विभागीय कार्रवाई की वकालत की है।
मत्स्य विभाग में डायरेक्टर के पद की दौड़ में शामिल एक डिप्टी डायरेक्टर की विभाग ने सीआर (कैरेक्टर रिपोर्ट) में अच्छा लिखा। सीआर में अच्छा डाउन ग्रेड माना जाता है, इससे डीपीसी में अंक कम मिलने का अंदेशा रहता है। इसी के चलते संबंधित अधिकारी मत्स्य एवं पशुपालन मंत्री प्रीतम सिंह पंवार के पास पहुंचे और सीआर पर उत्कृष्ट खिलवाकर ले आए।
जबकि नियम है कि डिप्टी डायरेक्टर की सीआर निदेशक ही लिख सकता है, जिसकी समीक्षा सचिव और आयुक्त वन एवं ग्राम्य विकास स्वीकृत कर सकते हैं। अब अधिकारी को मंत्री से सीआर लिखवाना उल्टा पड़ गया है।
अपर मुख्य सचिव एवं आयुक्त वन एवं ग्राम्य विकास एस राजू ने कहा है कि सचिव की ओर से दी गई प्रविष्टि के खिलाफ अधिकारी को प्रत्यावेदन देना था तो इसे आयुक्त वन एवं ग्राम्य विकास को देना चाहिए था न की मंत्री को। कहा कि तत्कालीन सचिव द्वारा सीआर में अच्छा लिखा गया है तो इसे अपग्रेड करने के कोई ठोस कारण नहीं हैं। उधर, मत्स्य एवं पशुपालन मंत्री प्रीतम पंवार का देर रात तक वर्जन लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला।
यह है मामला
सीआर में अच्छा लिखा होना डाउनग्रेड माना जाता है, इससे डीपीसी में कम अंक मिलने से पिछड़ने का अंदेशा रहता है। इसी के चलते अधिकारी मंत्री से सीआर में उत्कृष्ट लिखवा लाए। लेकिन नियम विरुद्ध होने की वजह से वह इसे डीपीसी में शामिल नहीं करवा पाए।