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मंत्रीजी ने बिना जांच ही करवा ली सर्जरी

Fri, 21 Feb 2014 11:06 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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कैबिनेट मंत्री हरीश दुर्गापाल ने बिना जांच के ही अपना नाखून निकलवा लिया। सर्जरी से पूर्व उन्होंने ब्लड शुगर की जांच से इनकार कर दिया।
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घाव जल्दी भरने के लिए बाहर की दवाएं लिखीं
बाद में डॉक्टरों ने उन्हें घाव जल्दी भरने के लिए बाहर की दवाएं लिखीं। बुधवार को मंत्री दुर्गापाल विधानसभा में थे, तभी उनके पैर के अंगूठे में तेज दर्द हुआ। तकलीफ ज्यादा बढ़ी तो वह दून अस्पताल आ गए।

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जांच में पता चला कि नाखून उल्टा बढ़ रहा है। नाखून के मांस में धंसने से तकलीफ हो रही है। डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी तो मंत्री बोले, इसी वक्त ऑपरेशन करो। सर्जरी के लिए डॉ. अंशिका अरोड़ा को बुलाया गया।
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मंत्री ऑपरेशन के लिए व्यग्र
उन्होंने पैथोलोजिकल जांच कराने के लिए कहा। लेकिन मंत्री ऑपरेशन के लिए व्यग्र थे, वह बोले कि बिना जांच ऑपरेशन करो। डॉक्टर ने ब्लडशुगर की जांच कराने के लिए कहा तो बोले डेढ़ महीने पहले करा ली थी।

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इससे डॉक्टर सर्जरी के प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर पाए। जब ऑपरेशन हो गया तो डॉक्टरों ने सर्जन से मंत्री को बाहर की दवा लिखने की सलाह दी, जिससे घाव जल्दी भर जाए।

खुद बीमार है दून अस्पताल
उत्तराखंड से न्यूरो रोगियों को इस आस में दून अस्पताल रेफर किया जाता है कि यहां उन्हें एमआरआई सुविधा उपलब्ध होगी। लेकिन एक माह से अस्पताल की खराब मशीन की वजह से रोगियों को निजी लैब में जाना पड़ रहा है।

पीपीपी मोड पर मशीन लगाने वाली कंपनी का लाखों रुपए का बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा। ऐसे में न तो कंपनी, न ही दून अस्पताल प्रबंधन मशीन की मरम्मत में दिलचस्पी ले रहा है।

अस्पताल में एमआरआई मशीन खराब
इस सीजन में ब्रेन अटैक, पैरालिसिस, स्लिप डिस्क, हाथ-पैरों में झनझनाहट और स्पाइनल कॉर्ड के मरीज सबसे अधिक आते हैं।

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इसके अलावा 50 फीसदी एक्सीडेंट के मामलों में सिर की चोट होने पर सीटी स्कैन और एमआरआई की जरूरत पड़ती है। लेकिन दून अस्पताल में एमआरआई मशीन खराब है।

अस्पताल की एमआरआई मशीन दिल्ली के डॉ. हर्ष महाजन को पीपीपी मोड पर दी गई है। डॉ. महाजन ने रिपोर्टिंग का जिम्मा दून एमआरआई के डॉ. हरीश भाटिया को दिया है। जांच टेक्नीशियन के हवाले है।

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डॉ. भाटिया एरियर के बाबत कई बार सीएमएस डॉ. आरएस असवाल से बात कर चुके हैं। उधर, डॉ. असवाल का कहना है कि मरम्मत में वक्त लग ही जाता है।

बीपी नपवाने में मरीज घनचक्कर
ब्लडप्रेशर नपवाने के चक्कर में दून अस्पताल के डाक्टर मरीजों को घनचक्कर बना दे रहे हैं। दून अस्पताल की सर्जरी, नेत्ररोग विभाग की ओपीडी में आने वाले मरीजों को ब्लड प्रेशर नपवाने के लिए फिजिशियन के पास भेजा जाता है।

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फिजिशियन के चैंबर में भीड़ अधिक होने पर मरीज एक-डेढ़ घंटा इंतजार किया करते हैं। इससे मरीजों को तकलीफ तो होती ही है, फिजिशियन के अहम को भी चोट लग रही है।
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एक फिजिशियन ने बताया कि नेत्ररोग विभाग से एक मरीज को पहले बीपी नपवाने के लिए भेजा गया। वही मरीज 20 मिनट के बाद फिर बीपी जांच के लिए आया और कहा कि डॉक्टर ने अब दवा खिलाकर भेजा है।

मैं अभी बाहर से आया हूं। 15 दिन से छुट्टी पर था। एमआरआई नहीं किया जा रहा है, पता नहीं है। लौट आया हूं, अब इसकी जानकारी लेते हैं।
- डॉ. एलके गुसाईं, निदेशक दून ग्रुप आफ हॉस्पिटल्स
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