किडनी मामले में जहां एक ओर उत्तराखंड की बाल विकास और महिला कल्याण मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारीलाल साहू खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बता रहें हैं। वहीं पीड़ित नरेश गंगवार ने साहू से खुद को जान का खतरा होने की बात कही है।
मंगलवार को नरेश गंगवार ने मीडिया को बताया कि गिरधारी लाल साहू ने धोखे से उनकी किडनी तीन साल पहले अपनी दूसरी पत्नी बैजयंतीमाला के ट्रांस प्लांट कर दी थी। गंगवार ने मीडिया से कहा कि उसे गिरधारी लाल साहू से जान का खतरा है।
गंगवार ने कहा कि उन्हें श्रीलंका स्थित श्रीलंका अस्पताल ले जाया गया। जहां इंफेक्शन होने की बात कहकर उन्हें बेहोश किया और 27 जून को उनकी किडनी ट्रांसप्लांट कर दी। उन्होंने विरोध जताया तो कहा कि अब बात को मत बढ़ाओ। पासपोर्ट भी साहू के पास था तो वह चुप रहे। नरेश गंगवार ने पुलिस से सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग की। वहीं साहू ने वादा किया था कि वह मेरे बच्चों की देखभाल करेंगे। बेटी की शादी कराएंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया।
गिरधारीलाल साहू उर्फ पप्पू ने किडनी निकलवाने के मामले में नरेश गंगवार के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि किडनी सहमति से ली गई थी। पुलिस ही नहीं, देश की किसी भी एजेंसी से जांच करा ली जाए, किडनी चोरी का आरोप निराधार ही साबित होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड में मुकदमा चलाने का मकसद मंत्री रेखा आर्या की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश का हिस्सा है। इस कारण एक समाचार पत्र के खिलाफ दिल्ली हाइकोर्ट के माध्यम से उन्होंने मानहानि का नोटिस दिया है। नरेश को भी मानहानि का नोटिस भेजा गया है।
शपथ पत्र नौ जून 2015 को तैयार कराया था
girdhari lal
- फोटो : file photo
नवाबी रोड स्थित एक बैंक्वेट हाल में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में गिरधारी लाल साहू ने कहा कि तीन साल पहले उनकी दूसरी पत्नी बैजयंतीमाला की तबीयत खराब हुई थी। बरेली में इलाज कराने के बाद परिवार के लोग उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल गए थे। वहां वरिष्ठ डॉक्टर विजय खेर ने किडनी लगाने की सलाह दी थी। बाद में अस्पताल के सचिव से जानकारी मिली कि किडनी श्रीलंका के कोलंबो स्थित लंका अस्पताल में लगेगी। इसके लिए उन्होंने नरेश गंगवार और उनकी पत्नी मुन्नी देवी का शपथ पत्र नौ जून 2015 को तैयार कराया।
बैजयंती के साथ उनका बेटा धर्मेंद्र उर्फ रिंकू साहू, नरेश चंद्र गंगवार और सचिन राठौर हवाई जहाज से श्रीलंका गए। वहां शपथ पत्र देने के बाद अस्पताल की 11 सदस्यीय जूरी ने पूछताछ की। अस्पताल ने वीडियोग्राफी भी कराई है। रजामंदी से किडनी लगने के बाद नरेश चंद्र गंगवार घर आया। इसके बाद उसने शिकायत नहीं की। उन्होंने कहा कि उनके आरटीओ रोड स्थित फार्म हाउस पर 2015 से कमांडो तैनात हैं। कोई भी उनसे पूछ सकता है कि नरेश उनके वहां नौकरी करता था या नहीं। मोबाइल कॉल विवरण से भी साफ हो जाएगा कि नरेश उनके फार्म हाउस पर रहा है या नहीं।
पत्नी की है रिश्तेदारी
गिरधारी के अनुसार उनकी पत्नी बैजयंती माला की दादी और नरेश की दादी एक ही घर की थी। इसी कारण दोनों रिश्तेदार हैं। नरेश उनका पुराना दोस्त रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह बरेली नगर पालिका कार्यकारिणी के उपसभापति रहे हैं। नगर निगम बनने के बाद उन्होंने एक बार मेयर का चुनाव भी लड़ा, मगर 500 मतों से हार गए थे। वह बरेली में विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं।
नरेश की पत्नी मिली थी
गिरधारी का दावा है कि नरेश चंद्र गंगवार की पत्नी मुन्नी बरेली स्थित वैश्य सम्मेलन में मिली थी। मुन्नी ने नरेश चंद्र से बात करने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया था। वह पुलिस की जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
रेनू का मिला साथ
गिरधारीलाल की पत्रकार वार्ता में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रेनू अधिकारी, भाजपा नेता समीर आर्या मौजूद थे। दोनों नेताओं ने गिरधारीलाल के प्रति समर्थन जताया है।
नरेश गंगवार बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा
किडनी कांड को लेकर सुर्खियों में आए नरेश चंद्र गंगवार को कोतवाली पुलिस ने सोमवार को बयान के लिए बुलाया था, लेकिन वह नहीं पहुंचा। कोतवाल केआर पांडे का कहना है कि नरेश चंद्र गंगवार को उन्होंने फोन कर बुलाया था, लेकिन उसने कहा कि वह बाहर है। मंगलवार को बयान देने आएगा। सूत्रों के मुताबिक देहरादून से उच्चाधिकारी फोन कर किडनी मामले की सच्चाई जानने का प्रयास कर रहे हैं।