पहाड़ों की हर छोटी-बड़ी बात निराली ही है, शायद इसीलिए उत्तराखंड के पेयजल मंत्री सब कुछ भूल कर किसान बन गए।
गुरुवार को पिथौरागढ़ के रसियाबगड़ में उपचुनाव के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत के चुनाव-प्रचार को जा रहे विद्यालयी शिक्षा, पेयजल मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी खेत में उतर गए और हल से जुताई शुरू कर दी।
कैबिनेट मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी रसियाबगड़ में कांग्रेस के पक्ष में प्रचार कर रहे थे।
खेती-किसानी प्रेम जाग उठा और वहीं रुक गए
रास्ते में उनकी नजर खिमुली देवी के खेत पर गई, देखा परिवार के लोग धान की रोपाई के लिए खेत तैयार कर रहे हैं। मंत्री जी का भी खेती-किसानी प्रेम जाग उठा और वहीं रुक गए।
नैथानी ने जूते उतारे, पैंट घुटने तक समेटी, किसान बनकर उतर गए कीचड़ भरे खेत में और हल थाम लिया। मंत्री ने खेत में काफी देर तक हल चलाया।
इस दौरान लोगों ने उनसे नाचनी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज में कृषि विषय की मंजूरी देने की मांग करते हुए कहा कि पहले प्राथमिक स्तर से कृषि की शिक्षा दी जाती थी, वर्तमान में यह विषय बंद हो गया है।
नई पीढ़ी को नहीं मिलती कृषि की जानकारी
इस कारण नई पीढ़ी को कृषि के बारे में जानकारी ही नहीं मिल पाती।
मंत्री ने दोनों स्कूलों में कृषि विषयों को मंजूरी देने का आश्वासन देते हुए कहा कि अन्य स्कूलों में भी कृषि विषय लागू करने पर विचार किया जाएगा।
कुछ समय बाद मंत्री जी ने हाथ-पांव धोए और प्रचार के लिए निकल पड़े। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस नेता रमेश कापड़ी, रवींद्र बिष्ट मालदार, धीरेंद्र चौहान, गोकर्ण राम आदि मौजूद थे।