हाईकोर्ट ने शुल्क निर्धारण समिति को शुल्क निर्धारण करने के लिए कहा था। छात्रों का कहना है कि अभी फीस निर्धारित हुई नहीं है और इससे पहले ही कालेजों ने फीस बढ़ा दी। अब फीस जमा करने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले को लेकर छात्र सरकार से खासे नाराज भी हैं।
दूसरी तरफ, आयुष मंत्री हरक सिंह इन छात्रों से नाराज हैं। हरक सिंह का कहना है कि छात्रों ने एक बार भी उन्हें ज्ञापन नहीं दिया। हरक सिंह का यह भी कहना है कि कालेजों के प्रबंधक कह रहे हैं कि 80 हजार रुपये तक ही सीमित रहे तो कालेज बंद करने पड़ेंगे। छात्र कह रहे हैं कि फीस वृद्धि ज्यादा है। मामला हाईकोर्ट में है और इस वजह से सरकार के हाथ भी बंधे हुए हैं।
हरक को अब मिलेगा ज्ञापन
छात्रों के आंदोलन के समर्थन में अब कांग्रेस भी मैदान में उतर आई है और 14 तथा 15 नवंबर को प्रदेश के सभी 70 विधायकों को शुल्क वृद्धि के विरोध में ज्ञापन सौंपने का निर्णय यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई कर चुकी है। ऐसे में हरक सिंह कोटद्वार से निर्वाचित हैं लिहाजा उन्हें भी ज्ञापन सौंपा जाएगा।