इसके बाद सीनियरों के सामने हमेशा नजरें झुकाकर न निकलने पर सड़कों पर नंगा घुमाने की चेतावनी देकर छोड़ा गया। छात्रों ने इसकी सूचना परिजनों को दी और उनकी सलाह पर छात्रों और परिजनों ने मामले की शिकायत अधिष्ठाता छात्र कल्याण सहित कुलपति से की।
शिकायत मिलने पर 21 अक्तूबर को बुलाई गई विश्वविद्यालय अनुशासन समिति (यूडीसी) की बैठक में छात्रों ने अधिकारियों के समक्ष आपबीती सुनाई। इसके बाद विवि प्रशासन की कार्रवाई में नेहरू एवं चितरंजन भवन-1 के वार्डनों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। लेकिन दोषी छात्रों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
जांच में रैगिंग नहीं जूनियर्स-सीनियर्स के बीच परिचय का मामला पाया गया था। मामला कॉलेज का था। जिसे छात्रावास में बताते हुए शिकायत की गई थी। यूडीसी के समक्ष छात्रों ने वार्डनों के आपसी झगड़े के बीच बनाए गए दबाव में शिकायत करने की बात कुबूल की है। दोषी चार छात्रों पर एक हजार रुपये प्रति छात्र जुर्माना लगाने सहित भविष्य में ऐसी कोई हरकत न करने का लिखित माफीनामा लेते हुए दोनों वार्डन को पदच्युत कर दिया गया है।
-डॉ. सलिल तिवारी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण