उत्तराखंड में पात्रता न होते हुए भी मंत्री की कोठी में अवैध रूप से निवास करने के मामले में कांग्रेस सरकार के दो पूर्व मंत्री लाखों रुपए किराया वसूला गया था।
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लेकिन अब तो बंगलों पर अवैध कब्जों की इतनी लंबी फेहरिस्त है कि वसूली करना तो दूर सरकार खाली करने की भी शायद ही हिम्मत जुटाए। उत्तराखंड के कई मंत्री व पूर्व मंत्री लाखों का किराया दबाए बैठे हैं।
वसूली की हिम्मत कौन करे?
भाजपा के कार्यकाल में जब नेतृत्व परिवर्तन हुआ और वीना महराणा मंत्री पद से हटी तो उन्होंने भी काफी दिनों तक मंत्री का बंगला नहीं छोड़ा। सरकार ने उनसे ढाई लाख रुपए वसूले। लेकिन जो नेता कई सालों से अवैध तरीके से सरकारी बंगलों में शान से रह रहे हैं उनसे वसूली की हिम्मत कौन करे।
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संवैधानिक पद पर बैठे स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल के पास पहले दिन से ही यमुना कॉलोनी में बड़ी कोठी है। लेकिन विधायक हॉस्टल में भी बतौर एमएलए उन्होंने आवास ले रखा है। कानूनी तौर पर एक ही निवास हो सकता है।
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यदि ज्यादा है तो बाजार भाव से किराया देना चाहिए। लेकिन इसकी पहल तो दूर जिक्र भी नहीं होता। बंगलों की यह दरियादिली सरकार को कभी भी भारी पड़ सकती है। यदि मामला किसी दिन उच्च न्यायालय में पीआईएल का विषय बना तब सरकार को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।
इनसे भी करनी है वसूली
मजे की बात यह है कि किशोर व बीना से किराया वसूल लिया लेकिन ढाई साल से 18 कमरों वाले एनेक्सी भवन के अलावा यमुना कॉलोनी में भी एक मकान रखने वाले पूर्व सीएम निशंक, यमुना कॉलोनी में कोठी के अलावा एमएलए हॉस्टल में घर रखने वाले नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, भाजपा विधायक पुष्कर सिंह धामी, कांग्रेस विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन से किराया वसूली कौन करेगा।
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जिन्हें दो कमरों का मकान अनुमन्य हैं वे कोठियों में रह रहे हैं और पात्रता की श्रेणी में आने वाले डिप्टी स्पीकर अनुसुइया प्रसाद मैखुरी एमएलए हॉस्टल वाले एक कमरे के घर में रह रहे हैं।