वर्तमान में प्रदेशभर में करीब 7500 पीआरडी जवान विभिन्न सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। इनमें लिपिक, चालक, अनुसेवक और गार्ड शामिल हैं। इन जवानों में 650 महिलाएं शामिल हैं। पीआरडी जवान बीते र्कई वर्षों से शासकीय अवकाश समेत विभिन्न मांगें उठा रहे हैं। निदेशालय स्तर से दुर्घटना बीमा की मांग पर प्रस्ताव शासन को भेजा गया, लेकिन शासन स्तर पर यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
युवा कल्याण एवं पीआरडी मंत्री ने पीआरडी जवानों के हक में तीन मांगें मान ली हैं। अब निदेशालय द्वारा तीन दिन के भीतर इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा, ताकि शासन स्तर पर जल्द कार्रवाई हो सकेष
-आरसी डिमरी, संयुक्त निदेशक, युवा कल्याण एवं पीआरडी