संविधान के 126 वें संशोधन विधेयक के तहत लोकसभा और राज्य की विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और जनजाति की सीटों का आरक्षण 10 साल के लिए बढ़ाया जाना है। यह आरक्षण 25 जनवरी 2020 को समाप्त हो रहा है। इसी संशोधन विधेयक में एंग्लो इंडियन प्रतिनिधि के आरक्षण की व्यवस्था को नहीं बढ़ाया गया है।
मंगलवार को विधानसभा के विशेष सत्र में इस पर हुई चर्चा में संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि देश में 20 करोड़ 13 लाख 78 हजार एससी और 10 करोड़ 45 लाख 716 एसटी के लोग हैं। केंद्र सरकार ने आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए संविधान में संशोधन किया है। आरक्षण संशोधन विधेयक को सदन सर्वसम्मति से केंद्र सरकार को धन्यवाद दे संकल्प का अनुसमर्थन करते हुए केंद्र को भेजेगा।
प्रतिपक्ष नेता इंदिरा हृदयेश ने कहा कि कहा कि ये संकल्प देश की संसद से पारित होकर राज्यों की विधानसभाओं में पहुंचा है। एससी, एसटी के लिए 10 वर्ष का समय बढ़ाया गया है, लेकिन यह लाभ एंग्लो इंडियन को नहीं दिया गया। एंग्लो इंडियन को भी अवसर दिया जा सकता था। वहीं, बैक लॉक के कई पद रिक्त हैं। इन पदों को भरा जा सके, इसके लिए इसमें शिथिलता लाई जानी चाहिए।