शहीद चंद्रिका प्रसाद की मां रामरति के मोबाइल पर रविवार रात करीब 10 बजे उनकी शहादत की सूचना मिली। सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया है। शहीद के परिवार में पत्नी तीन पुत्र और पांच पुत्रियां है। उनके तीनों बेटों और दो पुत्रियों की शादी हो चुकी है। छोटी पुत्रियों में नीलू ने बीए और किरन ने इंटर के बाद पढ़ाई छोड़ दी है, जबकि कोमल पास के ही इंटर कॉलेज में आठवीं में पढ़ती है। झनकईया थानाध्यक्ष प्रभात कुमार ने शहीद के घर पहुंचकर परिजनों को ढाढ़स बंधाया। एसडीएम विजयनाथ शुक्ल ने बताया कि देर रात शहीद की पार्थिव देह के पहुंचने पर वह उनके घर पहुंचेंगे।
जनवरी में ही होने वाली थी बेटी की शादी
पुलवामा जिले में आतंकी हमले में शहीद हुए चंद्रिका प्रसाद ने रविवार शाम करीब चार बजे घर पर फोन कर मां रामरति सहित पूरे परिवार से बातचीत की थी। तब उन्हें क्या पता था कि परिवार से यह उनकी अंतिम बातचीत होगी। उन्होंने परिजनों को बताया था कि उन्हें चुनाव ड्यूटी पर जाना है, जिसके बाद घर आकर नीतू की शादी की तारीख तय करेंगे। शहीद के बड़े पुत्र अनिरुद्ध प्रसाद ने बताया कि उनकी बहन नीतू की शादी जनवरी में तय की गई थी और यह इंतजार हो रहा था कि पिता के घर आते ही तारीख तय कर दी जाएगी। इससे पहले चंद्रिका प्रसात तीन माह पहले छुट्टी पर घर आए थे।