खिलाड़ियों ने दी अपनी सहमति
गोवा से खेल रहे बॉक्सिंग खिलाड़ी हिमांशु नेगी, बीएसएफ से खेल रहे जूडो खिलाड़ी शुभम और सीआरपीएफ से वॉलीबाल खेल रहीं सीखा, एथलीट अंकिता ध्यानी भी इस साल होने वाले राष्ट्रीय खेलों में अपने राज्य से खेलने को तैयार हैं। कुछ अन्य खेल एसोसिएशनों को भी राज्य के खिलाड़ियों से इस संबंध में बात हुई है। इस पर खिलाड़ियों ने अपनी सहमति दी है। राज्य के होने के बावजूद राज्य के बाहर से खेल रहे खिलाड़ियों की सहमति के बाद इनकी सूची तैयार कर राष्ट्रीय खेलों से पहले इनके लिए प्रशिक्षण कैंप लगाए जाएंगे।
राज्य के खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा से जुड़ा है सवाल
खेल विभाग के अधिकारियों एवं खेल एसोसिएशनों का कहना है कि पहले खिलाड़ियों के लिए राज्य में बेहतर सुविधाएं नहीं थीं, यही वजह है कि कई खिलाड़ी पलायन कर गए। लेकिन अब तमाम तरह की सुविधाएं हैं। राष्ट्रीय खेलों में पदक लाने वाले खिलाड़ियों के लिए सीधे सरकारी नौकरी तक की व्यवस्था है। राष्ट्रीय खेलों में राज्य के लिए पदक दिलाना राज्य के खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा से जुड़ा सवाल है।
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लक्ष्य, बोधित और चिराग भी उत्तराखंड से खेलेंगे
राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता लक्ष्य सेन मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के निवासी हैं। उत्तराखंड ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह के मुताबिक लक्ष्य सेन ने उत्तराखंड से खेलने पर सहमति जताई है। इसके अलावा रेलवे से खेलने वाले बोधित जोशी व अल्मोड़ा निवासी चिराग सेन भी उत्तराखंड से खेलेंगे।
पदक तालिका में राज्य को टॉप 10 में शामिल करने के लिए खेल विभाग खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा देने के लिए तैयार है। खेल मैदान, खेल प्रशिक्षक एवं अन्य सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। - अजय अग्रवाल, संयुक्त निदेशक खेल