सरकारी स्कूलों के शिक्षक सर्व शिक्षा अभियान के तहत मिड डे मील का राशन और भोजन माताओं को मानदेय डकार रहे हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बेसिक के औचक निरीक्षण के दौरान यह खामियां सामने आई हैं। पीठ बाजार ज्वालापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि 253 छात्रों को भोजन खिलाना दिखाया था जबकि स्कूल में केवल 52 छात्र ही उपस्थित थे।
तीन भोजन माता मिली उपस्थित
तीन में से एक ही भोजन माता स्कूल में उपस्थित थी। अधिकारियों को आशंका है कि इस तरह का गोलमाल अन्य स्कूलों में भी हो सकता है।
मिड डे मील को लेकर आए दिन अभिभावकों की तरफ से शिकायतें मिलती रहती हैं। मेन्यू की अनुसार भोजन नहीं बनाना और छात्रों की संख्या ज्यादा दिखाया जाता है। अब अधिकारियों के औचक निरीक्षण गुरुजी के इन कारनामों की पोल खुलने लगी है।
95 फीसदी बच्चों को दिखाया गया उपस्थित
पीठ बाजार ज्वालापुर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में कुछ ऐसे ही हालात सामने आए। यहां 253 बच्चों को पंजीकृत किया गया है।
रजिस्टर के अनुसार रोजाना 245-250 तक करीब 95 फीसदी बच्चों को उपस्थित दिखाया जाता है। 30 नवंबर को जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक पुष्पारानी वर्मा ने औचक निरीक्षण किया तो गिनती में केवल 52 बच्चे उपस्थित पाए गए जबकि स्कूल के रजिस्ट्रर के अनुसार 253 बच्चों को मिड डे मील खिलाया गया।
यहां तीन भोजन माताएं हैं लेकिन निरीक्षण एक ही उपस्थित मिली। नौ दिसंबर को मिड डे मील समन्वयक दीपक पंवार की ओर से किए गए निरीक्षण में केवल 81 बच्चे उपस्थित मिले। अधिकारियों को आशंका है कि शिक्षकों ने छात्रों की संख्या फर्जी हो सकती है।