माई स्कीम पोर्टल के होंगे तीन चरण
पहला चरण : योजनाओं की खोज पहला विकल्प होगा। एप पर व्यक्ति स्वरोजगार, खेती, उद्यानिकी, पशुपालन, पेंशन, छात्रवृत्ति समेत तमाम इच्छुक योजनाओं के बारे जानकारी पूछेगा तो उसे उसकी योग्यता, लोन, अनुदान ट्रेनिंग के बारे में सारी जानकारी मिल जाएगी।
दूसरा चरण : योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया पता होगी। यदि कोई व्यक्ति सेब, अखरोट आदि की योजना के बारे में जानकारी लेना चाहता है तो माई स्कीम पोर्टल से जुड़ी उद्यान विभाग की वेबसाइट खुल जाएगी, जिसमें संबंधित योजना के आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी होगी।
तीसरा चरण : तीसरा चरण मॉनिटरिंग और फीडबैक से संबंधित होगा। आवेदक के पास पोर्टल पर यह बताने का भी विकल्प होगा कि जिस योजना का लाभ उसने लिया, उसका क्या अनुभव रहा। क्या स्कीम उसकी उम्मीद के अनुसार लाभकारी रही। यदि नहीं तो उसके क्या कारण रहे।
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आईटीडीए के सहयोग से पोर्टल पर काम शुरू हो गया है। सभी विभागों से योजनाओं के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। पोर्टल को तैयार होने में चार से छह महीने का समय लगेगा। - राजशेखर जोशी, उपाध्यक्ष, राज्य सेतु आयोग