स्कूल भवन बनाओ और तीस साल तक किराया पाओ। यह संभव होगा मेरा गांव मेरा धन योजना से। शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए प्रदेश भर के 373 स्कूल प्रस्तावित किए गए हैं। यह वह स्कूल हैं जिनका उच्चीकरण हुआ है।
शिक्षा निदेशक राकेश कुंवर ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न स्कूलों का निर्माण मेरा धन मेरा गांव योजना के तहत होना है। निजी भागीदारी से होने वाले विद्यालयों के निर्माण के लिए तीन मॉडल दिए गए हैं। इसमें पहला मॉडल दो कमरे, दूसरा मॉडल चार कमरे या तीसरा मॉडल दो कमरे और तीन प्रयोगशालाएं बननी हैं।
इसमें अधिकतर वह विद्यालय हैं जो जूनियर हाईस्कूल से हाईस्कूल एवं हाईस्कूल से इंटरमीडिएट कालेज के रूप में उच्चीकृत हुए हैं। इसमें निजी सहभागी स्कूल का निर्माण कर उसकी देखभाल करेंगे, जिसे शिक्षा विभाग की ओर से किराया दिया जाएगा। यह किराया स्कूल भवन के निर्माण की लागत पर तय होगा।
इसे 10 से 30 साल तक के लिए दिया जाएगा। शिक्षा निदेशक राकेश कुंवर ने कहा कि निजी सहभागियों से इसके लिए आठ जुलाई तक आवेदन मांगे गए हैं। बताया गया कि भवन निर्माण की लागत का 12.5 से 16 प्रतिशत तक वार्षिक किराया दिया जाएगा। भवन निर्माण को लेकर निजी सहभागियों से राय लेने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
यह हो रही चर्चा
मुख्यमंत्री की मेरा गांव मेरा धन योजना को अधिकारी सफल तो विधायक फेल बता रहे हैं। निदेशालय में इस बात की चर्चा है कि कुछ विधायक यह कह रहे हैं कि यह योजना सफल नहीं होगी।
यहां से पाएं जानकारी
- इच्छुक व्यक्ति वेबसाइट www.upppc.org से जानकारी पा सकते हैं।