जिलाधिकारी के अर्दली की पत्नी बृहस्पतिवार को तहसील चौक पर ठगी का शिकार हो गई। बातों में उलझी महिला ने अपने हाथों से गले से मंगल सूत्र और कानों से कुंडल निकालकर थमा दिए। काफी देर बाद वह समझ पाई कि क्या हुआ। आंखों में मोतिया बिंद होने का बहाना कर संपर्क में आए दो जालसाजों ने कष्टों के भंवरजाल में फंसाकर महिला को ठग लिया।
शहर के केदारपुरम निवासी रामभज जिलाधिकारी का अर्दली है। बृहस्पतिवार को रामभज की पत्नी मिथलेश बृहस्पतिवार को सिटी बस में सवार होकर तहसील चौक पर पहुंची थी। इसी बीच टैंपू से उतरकर आए एक व्यक्ति ने कहा कि उसके आंखों में मोतिया बिंद है। आसपास कोई डाक्टर है क्या। मिथलेश ने पास में अस्पताल होने की बात कही। तभी उसका दूसरा साथी भी आ गया।
दोनों खुद को वृंदावन का बताते हुए महिला को अंधविश्वास के जाल में फंसा लिया। महिला ने उनके कहने पर अपने हाथों से ही सोने के कुंडल और मंगल सूत्र उतारकर दे दिए। जेवर लेकर दोनों ठग फुर्र हो गए। जेवर देने के कुछ देर बात तक वह गुमसुम खड़ी रही। जब ठगी का अहसास हुआ तो महिला ने शोर मचाने के बजाए अपने पति को फोन कर यह जानकारी दी, तब जाकर पुलिस तक सूचना आई। एसपी सिटी अजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर आ गए। महिला चीता मोबाइल ने महिला से बातकर उनके हुलियों के बारे में जानकारी ली। पुलिस ठगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। पुलिस ने जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।