रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों व उद्यमियों से की मुलाकात
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने किसान व उद्यमियों में जोशी भरा।
बागेश्वर जिले के किसान भवान सिंह कोरंगा 40 साल तक बतौर शिक्षक सेवाएं देने के बाद 2008 से कीवी की खेती कर रहे हैं। वर्तमान में उनके पांच एकड़ बगीचे में कीवी के 650 से अधिक पौधे हैं। अब उनकी फसल हल्द्वानी, बरेली, दिल्ली की मंडियों में बिकने के लिए जाती है। जिससे वह सालाना 45 से अधिक का कारोबार कर लेते हैं। भवान सिंह बताते हैं कि प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा कि वो अपनी फसल को कहां बेचते हैं? साथ ही पूछा कि वो कितने लोगों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं? भवान सिंह बताते हैं कि इतनी छोटी मुलाकात के बावजूद पीएम मोदी के साथ बिताया एक-एक पल उनके लिए यादगार बन गया है।
पौड़ी जिले में कोट ब्लॉक के फल्दाकोट गांव के निवासी नवीन पटवाल 2008 में हरिद्वार जिले में मशरूम उत्पादन कर रहे हैं। अपने अनुभव के दम पर उन्होंने अपने पौड़ी स्थित गांव में, गुच्छी मशरूम उगाने में सफलता प्राप्त की है, जो कि मूल रूप से जंगल में होती है। नवीन पटवाल बताते हैं कि प्रधानमंत्री उनसे एक मीटर की दूरी पर खड़े होकर बात कर रहे थे, उन्होंने गुच्छी मशरूम की खूबियों के बारे में जानकारी ली।
देहरादून के मनमोहन भारद्वाज, हरिद्वार जिले के बुग्गावाला गांव में मशरूम उत्पादन, फूड प्रोसेसिंग का काम कर रहे हैं। मनमोहन भारद्वाज बताते हैं कि 200 बीघा जमीन पर पॉलीहाउस भी बना चुके है। वर्तमान में उनके साथ 400 लोग रोजगार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच से आकर, खुद उन्हें सवाल करने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने पूछा कि वो अपने साथ जुड़े किसानों को कैसे लाभ पहुंचाते हैं।
हरिद्वार कनखल में बीते 20 साल से ट्रेवल एजेंसी संचालक, चंद्रकांत शर्मा की भी रविवार को देहरादून दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई। शर्मा बताते हैं कि प्रधानमंत्री ने बातचीत में उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि परिवहन कारोबारी इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं।