-ऑनलाइन पोर्टल बिना किसी जवाबदेही के दवा के पर्चे की प्रमाणिकता को जांचे बिना ही दवा दे रहे हैं।
-एमटीपी किट, सिडनेफि ल कोडीन जैसी दवाओं को पंजीकृत मेडिकल प्रेक्टिशनर के पर्चे के बिना बेचा जा रहा है।
-मनोचिकित्सक, त्वचा रोग विशेषज्ञ और अन्य विशेषज्ञों के पर्चे पर लिखी जाने वाली दवाओं को गैर योग्यता प्राप्त डॉक्टर के पर्चे पर खरीदा जाता है।
-दवाओं की ब्रिकी पुराने पर्चे या फि र बनावटी पर्चे पर की जाती है।
हमारा मकसद किसी को परेशान करना नहीं
केमिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि उनका मकसद किसी को परेशान करना नहीं है लेकिन सरकार उनकी एक नहीं सुन रही है। कई बार वह सरकार को चेता चुके हैं लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।