इस पर भी हमें ध्यान देने की जरूरत है। उत्तराखंड की संस्कृति और पर्यटन दोनोें विश्व को एक मार्गदर्शन दे सकते हैं। यह केवल पर्यटन ही नहीं, बल्कि भीतरी परिवर्तन भी होगा। उत्तराखंड का पर्यटन भीतरी परिवर्तन के लिए है। हम इस क्षेत्र को साधना और ध्यान के लिए उपयुक्त बनाएं, ताकि दूर-दूर से यहां पर साधक साधना करने आएं।
उत्तराखंड में बने मेडिटेशन ड्राइव
स्वामी चिदानंद ने कहा कि पूरे विश्व में मरिन ड्राइव बने, लेकिन उत्तराखंड में मेडिटेशन ड्राइव बनना चाहिए। यहां ध्यान पथ बने और आस्था पथ बने। होटल कल्चर हो, लेकिन गंगा के किनारों पर हट कल्चर भी हो, इससे गंगा के किनारे भी बचेंगे और हरित वातावरण बनेगा, जो पूरे विश्व के लोगों को आकर्षित करेगा। इससे आर्थिकी भी बढ़ेगी और आध्यात्मिक वातावरण भी तैयार होगा।