अगले साल से एमडीडीए ऑफिस पूरी तरह पेपर लेस हो जाएगा। प्राधिकरण का पूरा कामकाज डिजिटल फॉर्मेट पर होगा। यह दावा इस पूरी योजना की मानीटरिंग कर रहे प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने किया है। उनके अनुसार, एक जनवरी 2016 से पहले ही योजना पर काम पूरा हो जाएगा।
अभी भी है सबसे हाइटेक
दून में अब तक एमडीडीए को सबसे ज्यादा अत्याधुनिक और सफाई वाला दफ्तर माना जाता है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की मानें तो इस उपलब्धि के बाद अब एमडीडीए प्रदेश का पहला पेपरलेस दफ्तर बनने की तरफ कदम बढ़ा रहा है।
इसके तहत कागज के प्रयोग को पूरी तरह खत्म करने की योजना पर काम चल रहा है। विभाग के तमाम कामकाज पहले से ही डिजिटल फॉर्मेट पर चल रहे हैं। अब शेष कार्यों को भी डिजिटल फॉर्मेट और ऑनलाइन करने की कवायद चल रही है।
एक जनवरी से होगा पेपरलेस
एमडीडीए उपाध्यक्ष आर मीनाक्षी सुंदरम ने शनिवार को इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि एक जनवरी से पूरी तरह पेपर लेस वर्किंग लागू करने पर काम चल रहा है। उम्मीद है कि एक जनवरी 2016 से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।