फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमडीडीए को माया मिली ना राम

Fri, 09 Sep 2016 12:00 PM IST
अनिल चन्दोला/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
money
विज्ञापन
माया मिली ना राम। एमडीडीए पर यह कहावत पूरी तरह चरितार्थ हो रही है।
विज्ञापन


अलग - अलग कार्यों के चलते प्राधिकरण ने सरकार को करोड़ों रुपए का भुगतान तो कर दिया लेकिन ना तो काम हो पाए और ना ही पैसा वापस मिला। दूसरी ओर अब बजट ना होने के चलते प्राधिकरण में ठेकेदारों का करीब पांच करोड़ रुपए का भुगतान नहीं हो पा रहा है।

एमडीडीए सरकार के नियंत्रण में कार्य करने वाली एक स्वायत्त संस्था है। प्राधिकरण का काम शहर में अनियोजित व अवैध निर्माण पर नियंत्रण लगाना और विकास कार्य करवाना है। नक्शे पास करवाने और कंपाउंडिंग के एवज में एमडीडीए शुल्क वसूलता है।
विज्ञापन


दूसरी ओर आवासीय परियोजनाओं के निर्माण से भी प्राधिकरण की आय होती है। कर्मियों की तनख्वाह से लेकर विभिन्न विकास कार्यों का खर्च यहीं से निकलता है। ऐसे में करोड़ों रुपए फंसने के चलते प्राधिकरण के सामने अब ठेकेदारों के भुगतान की दिक्कत पैदा हो गई है।

प्रसार भारती को बिल्डिंग के लिए एमडीडीए ने जमीन दिलाई। इसके लिए प्राधिकरण को 15 करोड़ रुपए मिलने थे। भूमि हस्तांतरण होने के बाद वहां भव्य बिल्डिंग भी बन चुकी है। उसके बावजूद एमडीडीए को आज तक एक भी रुपया नहीं मिला।

ग्रेटर दून के लिए आईएसबीटी बाईपास पर बड़े पैमाने में भूमि अधिग्रहण किया गया। तब एमडीडीए ने भूमि अधिग्रहण शुल्क के रूप में 20 करोड़ रुपए का भुगतान किया। बाद में लोगों के विरोध के चलते सरकार ने जमीनें वापस कर दी। लेकिन एमडीडीए को आज तक वह पैसा वापस नहीं मिला।

करीब एक वर्ष शहर में कूड़े की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने अंडरग्राउंड डस्टबिन लगाने की योजना बनाई। एमडीडीए ने अलग-अलग क्षेत्रों में डस्टबिन लगाने के लिए निगम को एक करोड़ रुपए की धनराशि दी। करीब एक वर्ष बीतने के बाद भी डस्टबिन लगाने की प्रक्रिया तक अभी शुरू नहीं हो पाई है। 
विज्ञापन


आय बढ़ाने पर रहेगा फोकस
प्राधिकरण का फोकस अब अपनी आय बढ़ाने पर रहेगा। इसके लिए प्राधिकरण आवासीय परियोजनाओं की बिक्री में तेजी लाएगा। साथ ही कंपाउंडिंग के मामलों में भी तेजी आएगी। 

ठेकेदारों का 50 फीसदी भुगतान अगले कुछ दिनों में कर दिया जाएगा। अगले दो माह में अन्य भुगतान भी करने का प्रयास किया जाएगा।
- पीसी दुमका, सचिव, एमडीडीए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें