उन्होंने मौजूद अधिकारियों को अतिक्रमण चिह्नित करने के निर्देश दिए। चेतावनी दी यदि निगम की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है तो उसे हटाना ही पड़ेगा। कब्जा जायज है तो कागज दिखाई वरना ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कब्जे में प्रधान की मिलीभगत सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निगम क्षेत्र में हुए अतिक्रमण को चिह्नित करने के बाद ध्वस्तीकरण के आदेश दिए।
इस मौके पर भूमि कर अधीक्षक धर्मेश पैन्यूली, अनिल डबराल, ममता गुरुंग, राजीव गुरुंग, राहुल रावत, मनीष, सुदेश कुमार, सुखदेव गुरुंग, अनुराग वर्मा, पुनीत राणा आदि मौजूद रहे।
पर्यटन विभाग वसूल रहा पार्किंग
नगर निगम में शामिल होने से पहले अनारवाला-गुच्चूपानी का क्षेत्र ग्राम पंचायत में था। जिसके चलते पर्यटन विभाग यहां पार्किंग वसूलता था। लेकिन, अब यह क्षेत्र निगम में शामिल हो गया है। ऐसे में यहां पार्किंग शुल्क वसूलने की जिम्मेदारी भी अब नगर निगम की है। पर ऐसा नहीं हो रहा है। इस पर मेयर सुनील उनियाला गामा ने कहा कि शुल्क वसूली के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा जाएगा। ताकि यहां की पार्किंग नगर निगम को मिल सके।