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अभी और परेशान करेगा बिगड़ा मौसम, शुक्रवार को भी कई जिलों में बारिश के आसार

Thu, 18 Apr 2019 10:44 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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उत्तराखंड के कई जिलों में शुक्रवार को भी बारिश होने के आसार हैं। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाये रहने का अनुमान है।

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वहीं, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिले में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज गरज और चमक के साथ बौछारें पड़ सकती है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश के अन्य स्थानों में भी हल्की बारिश होने का अनुमान है। 

पहाड़ में गुरुवार को भी मौसम का मिजाज खराब रहा। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई है। बारिश व बर्फबारी के चलते ठंड बढ़ गई है।
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केदारनाथ में तड़के से बर्फबारी शुरू हो गई थी, जो दिनभर रुक-रुककर जारी रही। तीन दिनों में यहां लगभग एक फीट से अधिक नई बर्फ जम चुकी है, जबकि पहले से यहां लगभग साढ़े पांच फीट बर्फ जमी थी। केदारपुरी में तेज बर्फीली हवा के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।

दूसरी तरफ द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ सहित अन्य ऊंची पहाड़ियों पर भी हिमपात हुआ, जबकि जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ, गुप्तकाशी आदि क्षेत्रों में सुबह से शाम तक कई बार हल्की बारिश हुई। 

रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी

उत्तरकाशी जिले की निचली घाटियों में भी रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहा, जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम में हल्की बर्फबारी भी हुई। तीन दिनों से बारिश जारी रहने से तापमान में खासी गिरावट आ गई है।

जिला मुख्यालय क्षेत्र में अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में पारा शून्य के आसपास बना हुआ है। लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। यमुनोत्री धाम में बर्फबारी के चलते वहां चल रहे पुनर्निर्माण कार्य ठप पड़ गए हैं। 

बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, गौरसों बुग्याल, लाल माटी, नंदा घुंघटी के साथ ही नीती और माणा घाटी में भी सुबह दस बजे तक बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा। दोपहर बाद जिले में मौसम सामान्य हो गया है। मौसम में आए बदलाव से जिले में ठंड बढ़ गई है।

मुनस्यारी की चोटियों पर हिमपात

उधर मुनस्यारी के हंसलिंग, राजरंभा, पंचाचूली, नाग्निधुरा, छिपलाकेदार की चोटियों पर बर्फबारी जारी है। चोटियों से चुभन भरी बर्फीली हवाएं चलने से निचले इलाकों में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।

यहां चार दिन पहले तक घाटी क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा था। बारिश के बाद कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। लगातार हो रही बारिश से किसान गेहूं, जौ और मसूर की फसलों को नहीं समेट पा रहे हैं। मौसम के उग्र तेवरों को देखते हुए किसान परेशान हैं। खेतों में फसल पक कर तैयार है। बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों को काफी नुकसान पहुंच रहा है।
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बर्फबारी थमने के बाद शुरू हुआ बर्फ हटाने का काम 

बदरीनाथ धाम में बृहस्पतिवार को दोपहर बाद बारिश और बर्फबारी थमने के बाद परिक्रमा स्थल से बर्फ हटाने का काम फिर से शुरू हो गया है। बदरीनाथ के कपाट 10 मई को सुबह 4 बजकर 15 मिनट पर खुल जाएंगे। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की टीम धाम की साज-सज्जा और बर्फ हटाने में जुट गई है।

मंगलवार व बुधवार को धाम में बारिश और बर्फबारी होने से परिक्रमा स्थल से बर्फ हटाने का काम प्रभावित हुआ, लेकिन बृहस्पतिवार को दोपहर बाद मौसम सामान्य होने पर धाम में यात्रा तैयारियां शुरू हो गई हैं। धाम में कड़ाके की ठंड के बीच मंदिर समिति के कर्मचारी और मजदूर बर्फ से क्षतिग्रस्त पड़ी मंदिर समिति की धर्मशालाओं और अतिथि गृहों की मरम्मत के साथ ही रंग रोगन का कार्य कर रहे हैं।

मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल का कहना है कि मौसम खराब होने के कारण धाम में यात्रा तैयारियां प्रभावित हुई। बृहस्पतिवार से दोबारा कार्य शुरू हुआ है। यात्रा शुरू होने से पहले धाम में सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर दी जाएंगी, ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। 
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