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मातृशक्ति सम्मेलन: विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमा रही महिलाएं करेंगी मंथन, पहुंचेंगी कई नामी हस्तियां

Sun, 03 Nov 2019 01:50 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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आरुषि निशंक - फोटो : अमर उजाला
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विभिन्न क्षेत्रों में पहाड़ की महिलाएं मान बढ़ा रही हैं। बात चाहे राजनीति की हो या कथक की या उद्यम की। हर क्षेत्र में इनका डंका बज रहा है। पहाड़ के युवाओं के लिए वह रोल मॉडल हैं।

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जी हां, हम बात कर रहे हैं, राजनीति विश्लेषक नेहा जोशी, कथक नृत्यांगना आरुषि निशंक, उद्यमी अद्वैता काला, हेस्को की डॉ. किरन नेगी और जूनियर हाईस्कूल डांगी की छात्रा शालिनी की। राज्य सरकार और अमर उजाला की ओर से श्रीनगर गढ़वाल में छह नवंबर को आयोजित मातृशक्ति सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमाने वाली ये महिलाएं मंथन करेंगी। 

सम्मेलन में मातृशक्ति की तमाम समस्याओं, उनके कारणों और समाधान के उपायों पर संवाद होगा। छह नवंबर को कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी, केंद्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा और लोकगायिका संगीता ढौंडियाल समेत अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिष्ठित महिलाएं शामिल होंगी।
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कथक नृत्यांगना एवं फिल्म निर्मात्री आरुषि निशंक को देश-विदेश में तमाम सम्मान मिल चुके हैं। उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए उन्हें पिछले वर्ष प्रसिद्ध पत्रिका फोर्ब्स मिडिल ईस्ट में स्थान मिल चुका है।

यह पहला मौका था, जब इस पत्रिका में उत्तराखंड की किसी शख्सियत को स्थान मिला है। अरुषि प्रसिद्ध कथक गुरु बिरजू महाराज की शिष्या हैं। केंद्र सरकार की नमामि गंगे की प्रमोटर हैं। इसके अलावा स्पर्श गंगा अभियान की संयोजक भी हैं। 

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राजनीति विश्लेषक नेहा जोशी भाजयुमो की नेशनल मीडिया को-इंचार्ज हैं। उन्होंने जॉर्ज वॉरेन ब्राउन स्कूल ऑफ सोशल वर्क से डिग्री ली है। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान उन्होंने काफी काम किया। नेहा पेट्रोलियम मंत्रालय की सलाहकार हैं। उज्ज्वला योजना के तहत 60 मिलियन गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 

लेखिका एवं उपन्यासकार अद्वैता काला ने फिल्म अंजाना-अंजानी का स्क्रीनप्ले तथा फिल्म कहानी की स्टोरी लिखी है। उन्होंने ऑलमोस्ट सिंगल तथा आलमोस्ट देयर उपन्यास भी लिखे हैं। अद्वैता को सर्वश्रेष्ठ कथा के लिए जी सिने पुरस्कार एवं सर्वश्रेष्ठ कहानी के लिए गिल्ड पुरस्कार मिल चुका है। अद्वैता सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और बहुत ही बेबाकी के साथ अपनी राय रखती हैं। 

हेस्को से जुड़ी डॉ. किरन नेगी बीते लंबे समय से पहाड़ की महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए काम कर रही हैं। वह स्थानीय संसाधनों पर आधारित प्रशिक्षण देकर महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने में मदद करती हैं। इसके अलावा डॉ. नेगी महिलाओं स्वास्थ्य और बच्चों के खानपान को लेकर भी काम करती हैं। 

जूनियर हाईस्कूल डांगी की 14 वर्षीय छात्रा शालिनी अनुसूचित जाति की हैं। उनके माता-पिता का निधन हो चुका है। प्रतिभाशाली छात्रा शालिनी राज्य स्तर की दर्जनों प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुकी है। मातृशक्ति सम्मेलन में शालिनी महिलाओं को अपने सफर के बारे में बताएंगी। 
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