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मातृशक्ति सम्मेलन: पहाड़ के अर्थतंत्र को मजबूत बनाने पर होगा मंथन, एक मंच पर आएंगी अपराजिताएं

Sun, 03 Nov 2019 01:42 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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बचाओ- बेटी पढ़ाओ की ब्रांड एंबेसेडर रंजना रावत - फोटो : अमर उजाला
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पहाड़ के अर्थतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में क्या बेहतर प्रयास हो सकते हैं? क्या नए क्षेत्र हैं, जो मातृशक्ति को और शक्तिशाली बना सकते हैं? इन सभी सवालों के जवाब मिलेंगे, मातृशक्ति सम्मेलन के ‘मातृशक्ति और उद्यमिता : पहाड़ी अर्थतंत्र की रीढ़’ विषय पर होने वाले सत्र में। इस सत्र में देश और प्रदेश की जानी-मानी उद्यमी मंथन करेंगी। इस सत्र में नंदिनी देयास शिरकत करेंगी।

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देश की नामी मीडिया एजेंसी लोडस्टार इंडिया की सीईओ नंदिनी देयास आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। उद्यमिता के क्षेत्र में वह महिलाओं के लिए मिसाल हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि महिलाएं चाहे पहाड़ की हों या मैदान की, अगर कुछ करने पर आ जाएं तो हर मुश्किल आसान होती है। इस सत्र में वह अपने ऐसे ही अनुभवों के आधार पर पहाड़ में अर्थतंत्र का गणित बताएंगी।

रुद्रप्रयाग निवासी दुर्गा करासी ने आशा वर्कर के तौर पर राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने के बाद उद्यमिता को घर-घर तक पहुंचाने का काम किया है। इस सत्र में वह भी हिस्सा लेंगी। उनके बनाए हुए 86 समूहों में आज 675 से ज्यादा महिलाएं केदारनाथ के प्रसाद से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में आजीविका चला रही हैं। उन्हें हाल ही में केदारनाथ के प्रसाद के लिए चौलाई के लड्डू बनाने से अलग पहचान मिली है।

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इसी प्रकार, रुद्रप्रयाग की बेटी रंजना रावत पहाड़ में मशरूम को उद्यमिता का जामा पहना रही हैं। उन्होंने मशरूम उत्पादन को न केवल अपने लिए रोजगार का जरिया बनाया बल्कि तमाम घरों के चिराग रोशन कर दिए। रुद्रप्रयाग जिले में बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ की ब्रांड एंबेसेडर रंजना रावत ने समाजसेवा के लिए गढ़ माटी नाम से स्वयंसेवी संस्था शुरू की।

आज उनकी संस्था बड़ी संख्या में लोगों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित कर चुकी हैं। इस सत्र में वह पहाड़ के अर्थतंत्र को मजबूत बनाने के लिए स्वयं के प्रयासों और आगे की संभावनाओं पर चर्चा करेंगी।

सत्र में ऐपण गर्ल मीनाक्षी खाती भी शामिल होंगी। नैनीताल के रामनगर की बेटी मीनाक्षी खाती देश में ऐपण गर्ल के नाम से पहचान बना चुकी है। बचपन से अपनी दादी और अपनी मां को ऐपण बनाते देख मीनाक्षी के मन में हमेशा से ऐपण को नया रूप देने की चाह थी। जिसे मीनाक्षी ने साकार कर दिखाया।

मीनाक्षी ने दिल्ली में आयोजित पर्यटन पर्व में पहाड़ कालिंग थीम पर ऐपण प्रस्तुत किया। इसके अलावा ऐपण गर्ल स्कूलों में लड़कियों को ऐपण बनाना भी सिखाती है और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने अपनी इस कला को एक बाजार में स्थापित किया है। अपने इन्हीं अनुभवों को वह इस सत्र में रखेंगी।
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