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मातृशक्ति सम्मेलन: रेखा शर्मा बोलीं, इव टीजिंग पर सख्त होने से मेरा नाम ही रख दिया था खतरा

Thu, 07 Nov 2019 08:45 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर(पौड़ी)

सार

  • राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने किया खुलासा   
  • परांठा नहीं था पंसद, दाल-भात खाकर हुई बड़ी 
  • घर से नहीं थी रोक टोक, स्कूटर और साइकिल पर खूब घूमती थी
     
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राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि इव टीजिंग (छेड़खानी) करने वाले लड़कों के खिलाफ सख्त होने से मेरा नाम खतरा रख दिया था। बेटी होने के बावजूद मेरे माता-पिता की तरफ से कोई भी कार्य करने में किसी तरह से रोक टोक नहीं रहती थी। वे बुधवार को उत्तराखंड में गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर में अमर उजाला और राज्य सरकार के संयुक्त मातृशक्ति सम्मेलन में पहुंची थीं। 

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उन्होंने बताया कि वे स्कूटर और साइकिल पर खूब घूमती थी। बुधवार को मातृशक्ति सम्मेलन में उन्होंने महिलाओं से अपने बचपन की यादों को साझा किया। आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि ‘20 साल की आयु तक उत्तराखंड में पली बढ़ी। जब स्कूल जाती थी तो मां रोटी व परांठा देती थी। लेकिन परांठा मुझे पंसद नहीं था। 

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दाल भात मुझे का काफी पसंद था’। 20 साल के बाद वे हरियाणा में बस गईं। आज माता-पिता की यह सोच है कि बेटियों के लिए आने-जाने का समय तय होता है लेकिन सबके लिए इस तरह की बंदिशें नहीं होती है। उन्होंने माता-पिता को बेटों के रात को घर से बाहर जाने पर पाबंदी लगाने की बात कही।

कहा कि उत्तराखंड में पहले महिलाओं की स्थिति अच्छी थी। दुराचार की घटनाएं नहीं होती थी, लेकिन अब छेड़खानी और दुराचार की वारदातें हो रही है। बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। बेटियों के प्रति मां-बाप का उद्देश्य यह नहीं होना चाहिए कि 18 साल होते ही शादी कर दो, बल्कि बेटियों को पैरों पर खड़ा करने की सोच होनी चाहिए। 
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