शनिवार को उनके घर से सेना के वाहन में उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में आसपास के लोगों का हुजूम उमड़ा था।
दोपहर को टपकेश्वर स्थित श्मशाम घाट में जीओसी सब-एरिया भाष्कर कलीता, डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर नीरज गुसांई सहित सेना के अन्य अधिकारियों, मुख्यमंत्री की ओर से ओएसडी धीरेंद्र पंवार, प्रशासन की ओर से एडीएम बीर सिंह बुदियाल, राज्य सैनिक और जिला सैनिक अधिकारी ने पार्थिव शरीर पर पुष्प गुच्छ चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और इसके बाद उनका पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
शहीद के बड़े बेटे समर्थ ने मुखाग्नि दी। शहीद सूबेदार अनिल कुमार क्षेत्री अपने पीछे पत्नी, पिता, दो बेटे और दो भाईयों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
शहीद सूबेदार अनिल कुमार क्षेत्री हाल ही में हफ्तेभर की छुट्टी काटकर 29 नवंबर को वापस पोस्टिंग पर गए थे। शहीद सूबेदार की पत्नी मधु क्षेत्री गृहणी हैं और उनके दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा समर्थ (13) आठवीं में पढ़ता है और छोटा बेटा सक्षम चार साल का है। बड़े भाई अशोक दून में ही प्राइवेट जॉब करते हैं। छोटे भाई मनोज जेएंडके राइफल्स में तैनात हैं।