राजधानी देहरादून में आज सुबह की शुरुआत बादलों के पहरे के बीच हुई। हालांकि बाद में धूप खिल आई। जिससे हाड़ कंपा देने वाली ठंड से कुछ राहत मिली। वहीं मसूरी की बात करें तो यहां शहर में बर्फबारी नहीं हुई, जिसे लेकर पयर्टकों और स्थानीय लोगों में मायूसी नजर आई। वहीं अलग-अलग हादसों में तीन की मौत हो गई।
मसूरी के पास लाल टिब्बा में शुक्रवार देर रात को जमकर बर्फबारी हुई, जिसके बाद शनिवार सुबह ही पयर्टकों की भीड़ यहां पहुंचने लगी है। धनोल्टी में भी बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटकों का पहुंचना शुरू हो गया है। पर्यटक जमकर बर्फबारी का मजा ले रहे हैं। पर्यटकों की भारी को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
रुद्रपयाग में रातभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। वहीं केदारनाथ धाम में 07 फीट से अधिक बर्फ जम गई है। आज धाम में अधिकतम तापमान 02 और न्यूनतम माइनस 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। द्वितीय केदार मदमहेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ समेत चोपता, दुगलबिता, सारी, कालसिला समेत जनपद के 20 से अधिक गांव बर्फ के आगोश में हैं। श्रीनगर सहित राज्य के सभी इलाकों में फिलहाल बारिश थमी हुई है। हालांकि हल्के बादलों से कड़ाके की सर्दी पड़ रही है।
जखोली व ऊखीमठ के कई गांवों का अब भी तहसील मुख्यालयों से संपर्क कटा हुआ है। जखोली में जहां बुढ़ना, एकलिंग, लुठियाग, चिरबटिया, त्यूंखर, पालाकुराली, धनकुराली समेत बांगर के बधाधी, गैंठाणा, कोट, सन, धारकुड़ी व लिस्वाल्टा गांव का अब भी मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है। यहां गांवों में दो से तीन फीट तक बर्फ मौजूद है। कई जगहों पर पानी की लाइनें भी जम गई है, जिस कारण पेयजल की समस्या हो रही है। साथ ही मवेशियों के लिए चारापत्ती जुटाना भी ग्रामीणों को मुश्किलें हो रही हैं।
केदारनाथ समेत जनपद के 16 गांवों में दो दिन से बिजली गुल है। इधर, जखोली ब्लॉक के चिरबटिया, लुठियाग समेत दर्जनभर और घिमतोली क्षेत्र के गांवों में बिजली सप्लाई ठप है। ऊर्जा निगम के ईई मनोज सती ने बताया कि दो दिन की भारी बर्फबारी से बिजली लाइनों व पोलों को क्षति पहुंची है, जिससे केदारनाथ समेत जनपद के 16 गांवों की बिजली सप्लाई ठप पड़ी है।
चमोली जिले में दो दिनों से चल रही बर्फबारी शनिवार को थम गई है। बर्फबारी से जिले में 21 सड़कें अवरुद्ध हैं। जबकि 155 गांव बर्फ के आगोश में समा गए हैं। 55 गांवों में विद्युत आपूर्ति भी ठप है। सुदूर गांवों में बर्फ बिछी होने से ग्रामीणों को आवाजाही के साथ ही आवश्यक वस्तुओं के लिए भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं शनिवार को हल्की धूप खिलने से लोगों को ठंड से राहत मिल गई है। बदरीनाथ धाम में लगभग आठ फीट, हेमकुंड साहिब में दस फीट और औली में छह फीट ताजी बर्फ जम गई है। जिले में हुई बारिश और बर्फबारी से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बदरीनाथ हाईवे पैनी मोड़ और हेलंग से आगे सड़क पर बर्फ जमने के कारण अवरुद्ध है।
जोशीमठ नगर पालिका और बीआरओ की जेसीबी मशीनों से बर्फ हटाई जा रही है। साथ ही चमोली-मंडल-ऊखीमठ, कर्णप्रयाग-गैरसैंण, जोशीमठ-मलारी, जोशीमठ-बदरीनाथ, गौचर सिदोली, कर्णप्रयाग-नौटी-पैठाणी, सुनाली-भटियाणा, सोनला-कंडारा-मैखुरा, धुरमंड़ी-नैणी, घाट-सुतोल, घाट-बांजबगड़, सिमली-चुलकोट, घाट-रामणी, बगोली-कोटी, देवाल-मुंदोली, लोहाजंग-वाण, भराड़ीसैंण-दिवालीखाल, जोशीमठ-औली, टंगसा-बमियाला, पोखरी-देवखाल और कोठियालसैंण-सावरीसैंण सड़क अवरुद्ध पड़ी हुई है।
देहरादून सुवाखोली मोटर मार्ग मोरियाना टॉप में बर्फबारी कारण अवरुद्ध है। यमुनोत्रीधाम सहित यमुना घाटी में तीसरे दिन बारिश बर्फबारी थमी, लेकिन मौसम अभी भी खराब है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग राड़ी टॉप तथा हनुमानचट्टी से आगे जानकीचट्टी तक बर्फबारी के कारण बाधित है।
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सुक्खी टॉप से आगे गंगोत्री तक, बनचौरा दिवारीखोल मार्ग पत्थरखोल में, लंबगांव मोटरमार्ग संकूर्णाधार से आगे और कुंड-उखीमठ-चोपता-गोपेश्वर मोटर मार्ग बर्फबारी के कारण बंद पड़ा हुआ है।
श्रीनगर में दो दिन बाद आज बारिश थम गई है। लेकिन आसमान में हल्के बादल हैं। इसी तरह राज्य के सभी इलाकों में फिलहाल बारिश थमी हुई है। बदरीनाथ हाईवे सिरोहबगड़ में देर रात मलबा आने से बंद हो गया था, जिसे आज सुबह करीब साढ़े आठ बजे यातायात के लिए खोल दिया गया है।
मुनस्यारी बाजार में लगभग 1 फीट बर्फ जमा
कुमाऊं में धानाचूली में भारी बर्फबारी के चलते धानाचूली-ओखलकांडा, धानाचूली-मुक्तेश्वर-भटेलिया, धानाचूली-पहाड़पानी मोटर मार्ग बंद है। मार्गों में फंसे वाहनों में यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। धानाचूली के भटेलिया में पेड़ गिरने से मार्ग बंद हो गया है। यहां विद्युत आपूर्ति ठप होने से लोग परेशान हैं। कपकोट में रिखड़ी वाछम, शामा नौकुरी, लिति गोगिना, धर्मगढ़ मजखेत, बागेश्वर में गिरीछिना मार्ग बंद है।
मुनस्यारी स्थित खलिया टॉप बर्फ की आगोश में है। मुनस्यारी बाजार में लगभग 1 फीट बर्फ जमा है। जिसका लोगा आनंद ले रहे हैं। वहीं तवाघाट-नारायण आश्रम, मुनस्यारी और पिथौरागढ़-घाट रोड बंद है। घाट एनएच की शाम चार बजे तक खुलने की संभावना है।
मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार शनिवार को भी राज्य के ज्यादातर ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। ठंड बढ़ने पर अधिकांश क्षेत्रों में कोल्ड डे कंडीशन बनी रह सकती है।
न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम होने और अधिकतम व न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री से अधिक कम होने की स्थिति को कोल्ड डे कंडीशन कहा जाता है। तापमान में कमी होने के कारण इस दौरान ठंड ज्यादा पड़ने का अनुमान है।
यजमानी में गए पंडित की बर्फ में फंसने से मौत
गैरसैंण में शुक्रवार रात को यजमानी में गये गैड़ गांव के एक बुजुर्ग पंडित की घर आते समय रास्ते में बर्फ में फंसने से मौत हो गई है। शनिवार सुबह काफी खोजबीन के बाद उनका शव रास्ते में बर्फ में दबा हुआ मिला। बुजुर्ग की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार गैड़ गांव के मदन मोहन गैड़ी (59) शुक्रवार को पास के सलियाणा गांव में पंडिताई में गए थे। देर शाम वह काम निपटा कर लौट रहे थे। इसी दौरान भारी हिमपात व ठंड के कारण पटोड़ी व गैड़ गांव के बीच में राह चलते हुए उनकी मौत हो गई।
ग्रामीण हीरा प्रसाद गैड़ी ने बताया कि ग्रामीणों ने रातभर उन्हें काफी ढूंढा, लेकिन वे नहीं मिले।पुन: शनिवार सुबह जब ग्रामीणों द्वारा खोजबीन की गई तो उनका शव रास्ते के किनारे बर्फ में दबा हुआ मिला। जिसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को देने पर थानाध्यक्ष रविंद्र नेगी, पटवारी दुर्गा कपरूवाण व रामचंद्र गौड़, डॉ. जयानंद गैडी, दिवाकर आदि ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंचे। मृतक का पंचनामा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक का अंतिम संस्कार रविवार को उनके पैतृक घाट में किया जाएगा।
ब्रह्मताल ट्रेकिंग रूट पर बर्फबारी के कारण लोहाजंग में रुके ट्रैकर
र्फबारी के बाद देवाल के लोहजंग-वांण और घेस-हिमनी-बलाण सड़क दो दिन बाद भी यातायात के लिए नहीं खुल सकी है। वहीं, देवाल-थराली सड़क कोठी के पास मलबा आने से शनिवार को खुल पाई। क्षेत्र के अधिकांश गांवों में दो से तीन फीट बर्फ जमने से पैदल रास्ते बंद हैं। ब्रह्मताल ट्रेकिंग रूट पर बर्फ के कारण 50 से अधिक पर्यटक लोहाजंग में ही रुके हुए हैं।
देवाल तहसील के वांण, कुलिंग, बांक, लोहाजंग, मुंदोली, सौरीगाड़, झलिया, तोरती, रामपुर, चोटिंग, सवाड़, हरनी, ल्वाणी और मेलमिंडा सहित 35 से अधिक गांव अभी भी बर्फ से ढके हैं। लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। हैदराबाद, दिल्ली, बंगलूरू आदि शहरों से लोहजंग में 50 से अधिक ट्रैकर दो दिन से रुके हुए हैं।
इन ट्रैकरों को ब्रह्मताल जाना था, लेकिन बर्फबारी के कारण लोहाजंग-वांण व घेस-बलाण सड़क दो दिन से बंद पड़ी है। वहीं देवाल-थराली मार्ग शनिवार को साढे़ 11 बजे के बाद वाहनों की आवाजाही के लिए खुल पाया। लोनिवि के ईई जगदीश रावत ने बताया कि लोहाजंग-वांण सड़क खोलने के लिए जेसीबी भेजी जा रही है। रविवार को सड़क खोल दी जाएगी।