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लापता राज्य आंदोलनकारियों को 22 साल बाद मिलेगा सम्मान

Wed, 17 Feb 2016 02:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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राज्य आंदोलन के दौरान लापता आंदोलनकारियों को 22 साल बाद अब शहीद का दर्जा मिलेगा। शहीदों के माता-पिता के इलाज की व्यवस्था भी सरकार करेगी। राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों को संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों की ओर से प्रमाण एवं पहचान पत्र दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को अपने आवास पर शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते हुए यह घोषणा की।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शहीदों के परिजनों के सम्मान में आयोजित समारोह में कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण विषयक विधेयक विधानसभा से पारित करके राजभवन में अनुमति के लिए भेजा गया है।

हमारा प्रयास है कि राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की प्रक्रिया को पूरा किया जा सके, ताकि उनके लिए सम्मान पेंशन शुरू की जा सके। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह को शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों को प्रमाणपत्र व पहचान पत्र संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा अविलंब जारी कराने के निर्देश दिए।
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सीएम ने कहा कि शहीद राज्य आंदोलनकारियों के माता-पिता व विधवा को बस पास जारी किए जाएंगे। शहीदों के माता-पिता के इलाज की व्यवस्था भी राज्य सरकार करेगी। इसके लिए दून अस्पताल व हल्द्वानी मेडिकल कालेज को नामित किया जाएगा।
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सरकार करेगी शहीदों के माता पिता के इलाज की व्यवस्था

यह बताए जाने पर कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर पूर्व में शहीद राज्य आंदोलनकारियों के एक परिजन को सरकारी नौकरी एवं 10 लाख रुपये की राशि दी गई थी, लेकिन कुछ लोग इसमें छूट गए हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देशित किया कि उच्च न्यायालय के आदेश का अध्ययन कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। जो राज्य आंदोलनकारी लापता हैं उनको शहीद का दर्जा देते हुए वही सम्मान दिया जाए जो अन्य को दिया जा रहा है।

सीएम ने कहा कि बहुत से ऐसे लोग थे, जिनका राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा, लेकिन चिह्नीकरण के लिए बनाए गए मानकों में वे नहीं आ रहे। इसमें व्यवहारिक दिक्कतें आ रही हैं, जिसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, सचिव विनोद शर्मा आदि मौजूद रहे।  

इन शहीदों के परिजनों का सम्मान
शहीद धनपत, मदन मोहन, बलबीर सिंह, बेलमति देवी, राजेश रावत, दीपक वालिया, राजेश रावत, सतेंद्र चौहान, राजेश लखेड़ा, रविंद्र रावत, गिरीश चंद्र, राजेश नेगी, सूर्यकांत थपलियाल, पृथ्वी सिंह बिष्ट, राकेश देवरानी, अशोक, प्रताप सिंह, विद्यादत्त जुयाल, यशोधर बैंजवाल, सलीम, परमजीत, भगवान सिंह, धर्मानंद, लापता आंदोलनकारी आत्माराम अमोला व गोपाल दत्त सेमवाल के परिजनों को 51-51 हजार रुपये की सम्मान राशि देकर सम्मानित किया गया।
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