जेल में शहनाई गूंजने की बात भले ही आपको अटपटी लग रही होगी, लेकिन सितारगंज के संपूर्णानंद शिविर (खुली जेल) परिसर में शुक्रवार को दो उम्रकैदियों के बेटे-बेटी सात फेरे लेंगे।
दो कैदी बनेंगे समधी
करीब 500 लोगों की मौजूदगी में यहां शाम को शहनाई गूंजेगी और दोनों कैदी समधी के रूप में एक-दूसरे से गले मिलेंगे। इसी के साथ जेल में शुरू हुई दो उम्रकैदियों किशनराम और ईश्वरी राम की यारी रिश्तेदारी में बदल जाएगी।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य की अनूठी पहल से कैदियों की दोस्ती रिश्तेदारी में तब्दील होने जा रही है। गुरुवार को खुली जेल में महिला संगीत का आयोजन हुआ। वहां मौजूद महिला कैदी और जेल कर्मचारी दिनभर खूब नाचे और गाए।
जेल में दोनों बने दोस्त
तय कार्यक्रम के मुताबिक यहां उम्रकैद की सजा काट रहे पिथौरागढ़ के किशनराम की बेटी संजना का विवाह यहां के कल्याणपुर गांव (सितारगंज) निवासी ईश्वरी राम के पुत्र विनोद कुमार से होगा।
तीन वर्ष पूर्व किशनराम हरिद्वार कारागार और ईश्वरी राम देहरादून जिला कारागार से यहां आए थे। समय बीतने के साथ-साथ दोनों के बीच मित्रता बढ़ती गई। फिर दोनों ने दोस्ती को रिश्तेदारी का रूप देने की इच्छा जाहिर की।
इस काम में दोनों कैदियों की मदद की वरिष्ठ अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने। जेल अधीक्षक की पहल के समर्थन में और लोगों के भी हाथ उठे। विवाह की सारी तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।
महिला संगीत में वरिष्ठ जेल अधीक्षक की पत्नी भावना आर्य, सिद्धार्थ आर्य, संतोष सक्सेना, शशि देवी, पूनम सिंह, नसरीन बानो, सरोज, अंजू, संजू देवी आदि थे। इधर, कैदी किशनराम ने बताया कि उनकी बेटी संजना अल्मोड़ा के शिशु सदन में पली-बढ़ी है और वहीं रहकर उसने स्नातक तक की पढ़ाई भी पूरी की।
इसी तरह कैदी ईश्वरी राम ने बताया कि उनका बेटा गांव में ही दुकान चलाकर व्यवसाय करता है। दोनों ने दोस्ती को रिश्तेदारी में बदलने के फैसले पर खुशी जताई।
पांच सौ लोगों की दावत का इंतजाम
वरिष्ठ जेल अधीक्षक आर्य ने बताया कि शादी की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नव वर-वधू को गृहस्थी का सामान भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 50 बराती आएंगे और पांच सौ लोगों की दावत का इंतजाम किया गया है।