सदियों से चले आ रहे भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी के रिश्ते को निभा रहे कुमाऊं के नेपाल सीमा से सटे चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले में नेपाल के ताजा राजनैतिक हालात का सीधा असर वैवाहिक संबंधों पर भी पड़ने लगा है।
विवाह लग्न शुरू हुए एक सप्ताह बीत गया, लेकिन दोनों देशों के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों से न तो सीमा पार बारात गई और न ही वहां कोई बारात यहां आई। लोगों का कहना है कि मधेसी आंदोलन के बाद लोग एक-दूसरे के यहां शादी करने से बच रहे हैं।
ऐसे हालात से सीमांत लोग भय और संशय में हैं। कुमाऊं के इतिहास पर नजर डालें तो यह क्षेत्र चंद राजाओं का था। उनका नेपाल तक शासन और रोटी-बेटी का रिश्ता रहा है। उस काल खंड से ही दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में रोटी-बेटी के संबंध हैं। हर बार शादी के सीजन में दोनों ओर बारातें आती-जाती हैं।
खासतौर पर नेपाल में राजशाही तक यह संबंध प्रगाढ़ रहे। वहां कम्युनिस्ट प्रभाव और राजतंत्र के हटने के बाद से हालात बदले हैं। इसका असर अब साफ नजर आ रहा है। मधेसी आंदोलन से हालात और नाजुक हो गए हैं।