गठबंधन की सरकार में यह नेता पदों के लिए ऐसे ही लड़ेंगे, जैसे औरंगजेब के बाद देश में हालात पैदा हुए थे। उन्होंने यूनिफार्म सिविल कोड का पुरजोर समर्थन किया। शरिया कानून और बुर्का प्रथा को पिछडे़पन का द्योतक बताया। उन्होंने कहा कि जेएनयू में आजादी का नारा लगाना कोई आपराधिक कृत्य नहीं हैं।
आजादी के 71 साल बाद भी देश में 41 प्रतिशत बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। नोटबंदी की वजह से दो करोड़ रोजगार छिन गए हैं। इस अवसर पर उत्तरांचल विवि के चांसलर जितेंद्र जोशी, वाइस चांसलर डॉ. एनके जोशी, लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश बहुगुणा, डॉ. अभिषेक जोशी, कुलसचिव अजय सिंह, डॉ. मुकेश बोरा, डॉ. पूनम रावत, कुमार आशुतोष आदि मौजूद रहे।
दिव्यांशु बने विजेता
उत्तरांचल विवि के लॉ कॉलेज में हुई राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता में नेशनल लॉ स्कूल ऑफ दिल्ली के छात्र दिव्यांशु ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया। नेशनल लॉ स्कूल रांची के मोहित पांचाल को द्वितीय और लॉ कॉलेज देहरादून की अन्ना अनुप्रिया को तृतीय पुरस्कार दिया गया।