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उत्तराखंड में चार माओवादी समर्थक गिरफ्तार

Tue, 06 May 2014 10:28 AM IST
अमर उजाला, अल्मोड़ा
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अलमोड़ा नगर सहित कई स्थानों पर जनयुद्ध तेज करने तथा चुनाव बहिष्कार के नारे लिखे पोस्टर चिपकाने के मामले में पुलिस ने 3 मई (शनिवार) की रात चार लोगों को देशद्रोह तथा अन्य धाराओं में गिरफ्तार कर लिया।
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इन चारों को सोमवार को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस को मामले में कुछ अन्य की भी तलाश है।

आरोपियों में से तीन पाटिया के निकट एक घर से पोस्टर तथा अन्य सामग्री के साथ दबोचे गए जबकि एक अन्य को माल गांव जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार किया गया।

सभी के खिलाफ मिले पुख्ता सबूत

पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार भट्ट ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं।

मुखबिर की सूचना पर मिले महत्वपूर्ण सुराग के बाद पुलिस और एसओजी की टीम ने तीन मई की रात पाटिया में एकांत जगह पर स्थित गोविंद राम के घर छापा मारा, जहां से गोविंद राम पुत्र स्व. दीवान राम, जगदीश उर्फ जोगा राम पुत्र गुसाईं राम और दीवान सिंह बिष्ट पुत्र गुसाईं सिंह बिष्ट को पोस्टर, पंफ्लेट, लाल रंग की स्याही, लकड़ी की कलमें, लेही, क्रांतिकारी किसान संगठन की अपील वाले 134 पोस्टर और अन्य सामग्री के साथ गिरफ्तार कर लिया।

चौथे आरोपी जीवन चंद्र आर्य उर्फ जेसी (प्रदेश अध्यक्ष आरडीएफ) कोमाल गांव जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार किया गया।

एक युवती समेत अन्य लोगों की तलाश

सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 153क, 153ख, 124 क, 127 जनप्रतिनिधि अधिनियम 1950 तीन (1) उत्तराखंड लोक संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

मामले में एक युवती समेत कुछ अन्य लोगों की भी तलाश है। एसपी ने बताया कि मामले में फरार चल रहे खीम सिंह बोरा और देवेंद्र चम्याल उक्त आरोपियों को उकसाते थे।
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मुखबिर को मिलेंगे 20 हजार

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिस मुखबिर की सूचना पर आरोपियों को पकड़ा गया है उसे कुमाऊं रेंज के डीआईजी द्वारा घोषित 20 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।

इसके अलावा, आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल एसओजी, इंटलीजेंस, स्पेशल ऑपरेशन टास्क फोर्स की संयुक्त टीम को भी उनकी ओर से ढाई हजार और डीआईजी की ओर से पांच हजार रूपए का पुरस्कार दिया गया है।

2004 और 2005 में भी नगर में इस तरह के पोस्टर लगे थे लेकिन तब आरोपियों का पता नहीं चल पाया था।
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