शुक्रवार रात उत्तराखंड के अल्मोड़ा में कई स्थानों पर माओवाद के समर्थन और जनयुद्ध छेड़ने जैसे दर्जनों भड़काऊ पोस्टर चस्पा कर दिए गए और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी।
इन पोस्टरों में लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करो, उत्तराखंड में जनयुद्ध तेज करो जैसे कई तीखे नारे लिखे थे। कलक्ट्रेट की बाहरी दीवार पर भी ऐसे कई पोस्टर चिपके थे।
शनिवार सुबह तमाम स्थानों पर पोस्टर चिपके होने की सूचना पर पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। दिन भर कई टीमें पोस्टरों को निकालने में लगी रही।
तमाम गलियों में दर्जनों उत्तेजक पोस्टर
माओवाद समर्थकों ने कलक्ट्रेट परिसर के निकट की दीवार के अलावा धारानौला, चौघानपाटा, एसएसजे परिसर और नगर की तमाम गलियों में दर्जनों उत्तेजक पोस्टर चिपका दिए।
पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को शनिवार सुबह जब इन पोस्टरों के लगे होने की सूचना मिली तो खलबली मच गई।
जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार भट्ट ने तुरंत इन पोस्टरों को हटाने के निर्देश दिए। पोस्टर हटाने के लिए कई टीमें लगाई गईं।
इन पोस्टरों की वीडियो रिकार्डिंग भी की गई है तथा राज्य मुख्यालय को भी सूचना दे दी गई है। डीएम ने भी बताया कि मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है।
अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ धारा 153क, 153ख, 124क (भारत की अखंडता और प्रभुता को प्रभावित करने के उद्देश्य से पोस्टर चिपकाने) और 127 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम तीन (1) उत्तराखंड लोक संपत्ति निरूपण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मुकदमा निर्वाचन ड्यूटी में तैनात उड़नदस्ता प्रभारी प्रमोद कुमार तिवारी की तरफ से दर्ज कराया गया है।
क्या लिखा था पोस्टरों में
उत्तराखंड में जनयुद्ध तेज करो, देश की जनता गरीबी, महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बलात्कार से कराह रही है, भ्रष्ट संसदीय दलाल नेता सुअरबाड़े में उधम और उत्सव मना रहे हैं, 65 सालों में व्यवस्था के दलालों को देख-परख लिया, अब संसदीय चुनाव का बहिष्कार करो।
मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एलआईयू और पुलिस की टीमें पोस्टर लगाने वाले लोगों का पता लगा रही हैं।-अशोक कुमार, पुलिस अधीक्षक।
सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की सुस्ती सामने आई
माओवादियों द्वारा भड़काऊ पोस्टर लगाने के प्रकरण से पुलिस, एलआईयू और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की पोल खुल गई है।
माओवाद के समर्थक कलक्ट्रेट की दीवार में तक पोस्टर चिपका गए और सुरक्षा-खुफिया एजेंसियों को भनक तक नहीं लगी।
नगर के चारों तरफ पोस्टर चिपके हुए हैं, लेकिन रात में गश्त करने वाले पुलिस कर्मियों को कहीं कोई संदिग्ध नजर नहीं आया। संभवत: उन्होंने राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता समझकर पोस्टर लगाने वालों पर ध्यान ही नहीं दिया।
पोस्टर इतने अच्छी तरह चिपकाए गए थे कि इन्हें निकालने में कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ी। आगामी दिनों में राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी जैसे नेता अल्मोड़ा आने वाले हैं।
लोगों का मानना है कि इन स्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों को काफी सजग रहने की जरूरत है।