गूगल मैप का इस्तेमाल कईं बार मुसीबत का सबब भी बन रहा है। बड़ी संख्या में पर्यटन के लिए आने वाले लोग शहर की गुमनाम गलियों में भटक रहे हैं। कई लोगो के आरोप हैं कि उन्होंने गूगल मैप को गंतव्य से पहले डेस्टिनेशन पूरा होने की जानकारी देने का दावा किया।
पूर्व में उत्तर प्रदेश के बरेली जिले भी एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिसमें गूगल मैप के इशारे पर चल रही एक कार निर्माणाधीन पुल ने नीचे गिर गई थी। इस दौरान तीन लोगों की मौत हो गई थी। देहरादून में हर रोज कई लोग गूगल की गलत जानकारी से दो-चार होते हैं। लोगों की माने तो वे गूगल मैप पर अपने गंतव्य की जानकारी अपलोड करते हैं। लेकिन कई बार गूगल मैप उन्हें शहर की संकरी गलियों में जाने का संकेत देता है। जबकि उस गंतव्य का सही रास्ता कोई दूसरा होता है।
क बार गलत रास्ता चुनने का संकेत दिया
सहारनपुर निवासी एक चिकित्सक ने बताया कि उनका हाल ही में देहरादून तबादला हुआ है। उनको शहर के रास्तों की सटीक जानकारी नहीं है। इसकी वजह से कईं बार उनको गूगल मैप का सहारा लेना पड़ता है। अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए गूगल मैप ने उनको एक बार गलत रास्ता चुनने का संकेत दिया।
वह जब गूगल मैप के सुझाए रास्ते पर आगे बढ़ गई तो वे काफी आंतरिक क्षेत्र में जाकर एक संकरी गली में फंस गई थी। जहां से बाहर निकलने में उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। इस संबंध में एसपी ट्रैफिक मुकेश ठाकुर बताते हैं कि गूगल मैप के सही रास्ता न बताने के संबंध में कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यातायात विभाग की ओर से गूगल को पत्र भेजा गया है।
इसमें शहर के जो संचालित रास्ते हैं, उनको ही दर्शाने को कहा गया है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई को भी इस संबंध में पत्र भेजा गया है। जिसमें निर्माणाधीन सड़कों को गूगल मैप पर न दर्शाए जाए, इसको लेकर सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।