अपनी मांगें मनवाने के लिए आत्मदाह का प्रयास करने के मामले में भगोड़ा घोषित मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी मंगलवार को देहरादून स्थित कोर्ट में पेश हुए।
पढ़ें, गैंग रेपः हरिद्वार में एक और किशोरी बनी 'दामिनी'
उन्होंने कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की, लेकिन देर होने के कारण इस पर सुनवाई नहीं हो सकी। अब मामले की सुनवाई बुधवार को होगी।
25 मार्च 2000 को हुआ था मुकदमा दर्ज
मंत्री प्रसाद नैथानी के खिलाफ 25 मार्च 2000 को शहर कोतवाली में तत्कालीन दारोगा अरविंद सिंह रावत ने आत्मदाह का प्रयास करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया था।
पढ़ें, पैसा बहाने से क्या 'जिंदा' हो जाएंगी नदियां?
मुकदमे में दर्ज पते में मंत्री प्रसाद नैथानी का आवास टिहरी जिले के कोटी कॉलोनी लिखा है। कोर्ट में मुकदमा चलने पर मंत्री के घर समन भेजे गए। लेकिन पुलिस कोई भी समन तामील नहीं करा पाई।
घर की कुर्की के आदेश
बीते साल 19 अक्तूबर को शासन की ओर से कोर्ट में मुकदमा वापसी के लिए पत्र भी दाखिल किया गया था। लेकिन कोर्ट ने पुलिस को मंत्री के घर की कुर्की करने का आदेश दिया था।
पढ़ें, काम निपटा ले भाई, सीएम बदल गए हैं
इसके बाद भी कोर्ट में पेश न होने पर पुलिस ने मंत्री को भगोड़ा घोषित कर दिया था। इस संबंध में मंगलवार को कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी और उनके अधिवक्ता कोर्ट पहुंचे। अब बुधवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होगी।
यह है पूरी कहानी
25 मार्च 2000 को उत्तराखंड बेरोजगार महासंघ के अध्यक्ष कमल रतूड़ी और मंत्री प्रसाद नैथानी ने कचहरी स्थित शहीद स्थल पर एकत्रित होकर अपने ऊपर केरोसिन डालकर आत्मदाह का प्रयास किया था।
पढ़ें, कोख में नन्ही जान, फिर क्यों मां ने किया ऐसा?
हालांकि पुलिस कर्मियों ने दोनों को बचा लिया। आत्मदाह की धमकी के संबंध में संगठन ने एक दिन पहले ही एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा था। इसी मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था।